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राज्य कृषि समाचार (State News)

आईसीएआर पटना में कृषि उत्पादकता और खाद्य सुरक्षा में बढ़ोतरी पर प्रशिक्षण शुरू

11 जनवरी 2024, पटना: आईसीएआर पटना में कृषि उत्पादकता और खाद्य सुरक्षा में बढ़ोतरी पर प्रशिक्षण शुरू – भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना में “रबी फसलों की वैज्ञानिक खेती द्वारा कृषि उत्पादकता और खाद्य सुरक्षा में बढ़ोतरी” विषय पर तीन दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना और अटारी, पटना के संयुक्त परियोजना “तकनीकी नवाचार द्वारा शून्य भूख एवं शून्य तकनीकी अंतर वाले गाँव का विकास” के तहत इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य खाद्य सुरक्षा और बेहतर आजीविका के लिए आधुनिक कृषि प्रौद्योगिकियों के प्रति किसानों के ज्ञान और कौशल को बढ़ाना है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन डॉ. अनुप दास, निदेशक, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना के मार्गदर्शन में किया गया। पाठ्यक्रम निदेशक डॉ. धीरज कुमार सिंह ने उद्घाटन सत्र के दौरान प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा के बारे में जानकारी प्रदान की और प्रशिक्षुओं के साथ संबंधित विषय पर बातचीत की।

डॉ. आशुतोष उपाध्याय, कार्यवाहक निदेशक, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना ने प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन किया और किसानों को विशेषकर बदलते जलवायु परिदृश्य में अपनी आय बढ़ाने के लिए फसल विविधीकरण और नई प्रौद्योगिकियों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया । उन्होंने कृषि प्रणालियों में पशुधन और मुर्गीपालन को शामिल करने पर जोर दिया और कृषि उत्पादों को बेचने के लिए विभिन्न विपणन विकल्पों की तलाश करने का सुझाव दिया। किसानों कों संबोधित करते हुए डॉ. उज्ज्वल कुमार, प्रभागाध्यक्ष, सामाजिक-आर्थिक एवं प्रसार ने कार्यक्रम के दौरान खाद्य सुरक्षा के लिए बाजार जुड़ाव के महत्व के विषय पर अपने विचार व्यक्त किए ।

डॉ. अभय कुमार ने रबी फसलों के लिए शून्य जुताई प्रौद्योगिकी हस्तक्षेप के बारे में अपना अनुभव साझा किया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम नवीन हस्तक्षेपों के माध्यम से शून्य भूख और शून्य प्रौद्योगिकी अंतर वाले गांवों के विकास के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल के साथ किसानों को सशक्त बनाने के लिए एक मूल्यवान पहल के रूप में कार्य करेगा| डॉ. रोहन कुमार रमण ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। । कार्यक्रम में डॉ. मोनोब्रुल्लाह, डॉ. नरेश चंद्र, डॉ. अनिर्बान मुखर्जी, डॉ. ज्योति कुमार, डॉ. कुमारी शुभा, श्री संजय राजपूत और श्री उमेश कुमार मिश्र शामिल हुए।

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