राज्य कृषि समाचार (State News)

Pusa की गुलाब की ये 2 किस्में हैं खास, 70 क्विंटल तक देती हैं औसत उपज; जानें खासियत

20 सितंबर 2026, नई दिल्ली: Pusa की गुलाब की ये 2 किस्में हैं खास, 70 क्विंटल तक देती हैं औसत उपज; जानें खासियत – गुलाब की खेती में अच्छी खुशबू और लगातार फूल देने वाली किस्मों की अपनी खास पहचान है। पूसा के फ्लोरीकल्चर एंड लैंडस्केपिंग डिवीजन ने ऐसी ही दो किस्में विकसित की हैं, जिनमें PusaMahak (पूसा महक) और  PusaAlpana (पूसा अल्पना) शामिल हैं। पूसा महक को 2018 में और पूसा अल्पना को 2021 में दिल्ली राज्य के लिए जारी किया गया था। दोनों किस्मों में बार-बार फूल आने की क्षमता है, लेकिन फूलों के रंग, उपयोग और औसत उत्पादन में अंतर है।

PusaMahak की खासियत

पूसा महक हाइब्रिड टी प्रकार की गुलाब की किस्म है। इसके फूल गहरे गुलाबी रंग के होते हैं और इनमें अच्छी खुशबू होती है। यह किस्म बार-बार फूल देने वाली और अधिक फूलों वाली है। एक पौधे से औसतन 50 से 60 फूल प्राप्त होते हैं। इसका उपयोग बगीचे की सजावट और फूलों की सजावट के लिए किया जा सकता है। पूसा महक का प्रवर्धन सेमी-हार्डवुड कटिंग से किया जाता है।

इस किस्म को 2018 में दिल्ली राज्य के लिए जारी किया गया था। इसे डॉ. कंवर पाल सिंह, डॉ. एस.एस. सिंधु, डॉ. (सुश्री) नमिता, डॉ. डी.वी.एस. राजू, डॉ. मार्कंडेय सिंह और डॉ. के.वी. प्रसाद सहित वैज्ञानिकों की टीम ने विकसित किया।

पूसा अल्पना की खासियत

पूसा अल्पना फ्लोरिबुंडा प्रकार की गुलाब की किस्म है। इसके पौधे कॉम्पैक्ट होते हैं और फूल हल्के गुलाबी रंग के होते हैं। फूल काफी खुशबूदार होते हैं और इस किस्म में भी बार-बार फूल आने की क्षमता है। यह अधिक फूल देने वाली किस्म है और इसकी औसत उपज 70 क्विंटल प्रति हेक्टेयर बताई गई है। पूसा अल्पना खुले फूलों के उत्पादन के लिए उपयुक्त है। इसके खुशबूदार फूलों का इस्तेमाल माला बनाने के लिए भी किया जा सकता है। इसका प्रवर्धन सीधे सेमी-हार्डवुड कटिंग से किया जाता है। इस किस्म को 2021 में दिल्ली राज्य के लिए जारी किया गया था। इसे डॉ. (सुश्री) नमिता, डॉ. मार्कंडेय सिंह, डॉ. डी.वी.एस. राजू, डॉ. प्रतिभा आनंद और डॉ. एस.एस. सिंधु सहित वैज्ञानिकों ने विकसित किया।

सितंबर-अक्टूबर में करें रोपाई

पूसा महक और पूसा अल्पना दोनों किस्मों में अच्छी सर्दियों की फूलों की पैदावार के लिए दिन का तापमान 25 से 28 डिग्री सेल्सियस, रात का तापमान 12 से 18 डिग्री सेल्सियस और सापेक्ष आर्द्रता 60 से 70 प्रतिशत उपयुक्त बताई गई है। दोनों किस्मों की रोपाई सितंबर-अक्टूबर में की जाती है। पौधों के बीच 50×50 सेंटीमीटर की दूरी रखने की सलाह दी गई है।

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