केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने हैदराबाद में दक्षिणी राज्यों के लिए रबी रणनीति और नई योजनाओं का खाका रखा
20 सितंबर 2026, हैदराबाद: केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने हैदराबाद में दक्षिणी राज्यों के लिए रबी रणनीति और नई योजनाओं का खाका रखा – केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 18 सितंबर को हैदराबाद में आयोजित दक्षिणी राज्यों के क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन को संबोधित किया। इस सम्मेलन में तेलंगाना, आंध्र प्रदेश समेत दक्षिण भारत के राज्यों के कृषि मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों और वैज्ञानिकों ने हिस्सा लिया। बैठक में रबी सीजन 2026-27 की तैयारी, फसल विविधीकरण और राज्य-विशेष खेती रणनीति पर मुख्य रूप से चर्चा हुई।
पूरे देश के लिए एक जैसी योजना संभव नहीं
चौहान ने सम्मेलन में कहा कि पूरे देश के लिए एक दिन में बैठकर एक जैसी रबी या खरीफ योजना बनाना संभव नहीं है, क्योंकि हर राज्य की मिट्टी, मौसम और किसानों की जरूरतें अलग-अलग हैं। इसीलिए राज्यों को अपनी स्थानीय परिस्थितियों के मुताबिक खेती की रणनीति तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
सम्मेलन में बताया गया कि इस साल रबी सीजन के लिए कुल 17.77 करोड़ टन खाद्यान्न उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें अकेले गेहूं का लक्ष्य 12.10 करोड़ टन है। मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि इस साल एल नीनो का असर रबी सीजन की बारिश और तापमान पर पड़ सकता है, इसलिए राज्यों को फसल चयन में सतर्कता बरतने और फसल विविधीकरण अपनाने की सलाह दी गई, ताकि किसान सिर्फ एक-दो फसलों पर निर्भर न रहें।
किसानों की मेहनत का महत्व बताते हुए चौहान ने कहा, “मशीन रोटी बना सकती है, लेकिन गेहूं पैदा नहीं कर सकती।” उन्होंने प्रशासनिक नियमों को किसानों के हित में लागू करने पर भी जोर देते हुए कहा, “नियम जनता के लिए हैं, जनता नियमों के लिए नहीं।”
सम्मेलन से जुड़ी एक अन्य आधिकारिक विज्ञप्ति में चौहान ने राज्यों से कहा कि बैठक में जो प्रतिबद्धताएं जताई गई हैं, उन्हें तय समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाना चाहिए, ताकि योजनाओं का लाभ जल्द से जल्द किसानों तक पहुंचे। उन्होंने राज्य सरकारों से केंद्र की योजनाओं को जमीनी स्तर पर तेजी से लागू करने की अपील की।
नारियल प्रोत्साहन योजना और नए बीज कानून पर पहल
सम्मेलन में यह भी बताया गया कि केंद्र सरकार की नई नारियल प्रोत्साहन योजना अब जमीन पर लागू हो चुकी है। इस योजना के तहत 60-70 साल पुराने नारियल बागानों के जीर्णोद्धार पर काम होगा, साथ ही नारियल, काजू, कोको, कॉफी और मसालों की प्रोसेसिंग व बाजार संपर्क को मजबूत किया जाएगा। पिछले एक साल में नारियल का निर्यात 4,349 करोड़ रुपये से बढ़कर 7,038 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, यानी करीब 62 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई है।
तेलंगाना के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत 2 लाख घरों के निर्माण की पहली किस्त जारी कर दी गई है। इसके अलावा चौहान ने कहा कि नकली बीज बेचने वालों के खिलाफ मौजूदा कानून में सजा का प्रावधान बहुत कमजोर है, इसलिए नया बीज कानून लाने पर विचार चल रहा है, जिससे किसानों को घटिया या नकली बीज से बचाया जा सके।
उन्होंने मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) का फायदा उठाते हुए भारतीय फल, सब्जी, काजू और अनाज को निर्यात गुणवत्ता के वैश्विक मानकों के अनुरूप तैयार करने पर भी जोर दिया, ताकि किसानों और निर्यातकों को विदेशी बाजारों का ज्यादा फायदा मिल सके। उनके मुताबिक दुनिया के बाजार अब भारत के लिए खुल रहे हैं, और यह देश के किसानों के लिए एक बड़ा अवसर है।
यह जानकारी केंद्र सरकार की प्रेस विज्ञप्तियों (पीआईबी) के साथ-साथ हैदराबाद से मिली स्वतंत्र मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है, जिनकी तारीख 18-19 सितंबर 2026 है।
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