वनोपज बिक्री का होगा विकेन्द्रीकरण : मुख्यमंत्री

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श्री चौहान ने अंतर्राष्ट्रीय वन मेले का किया शुभारंभ

28 दिसंबर 2021, भोपाल । वनोपज बिक्री का होगा विकेन्द्रीकरण : मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में वनोपज के विक्रय के वर्तमान प्रचलित कार्य का विकेंद्रीकरण किया जाएगा। पायलट प्रोजेक्ट के तहत वनवासियों और वन समितियों द्वारा प्रोडक्ट बनाओ और बेचो के कार्य को भी प्रोत्साहन दिया जाएगा। लघु वनोपजों के प्रसंस्करण पर अधिक ध्यान दिया जाएगा। वन-धन केंद्रों की संख्या बढ़ाई जाएगी। उनकी उत्पादित सामग्रियों की पुख्ता विपणन व्यवस्था की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में गेहूं, धान, चने का उत्पादन कार्य पारम्परिक रूप से बड़े पैमाने पर होता है। इन उत्पादनों के साथ ही चंदन की खेती, बाँस उत्पादन, औषधियों के निर्माण में उपयोगी वनोपज के उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा। पर्यावरण के लिए वनों को बचाना भी आवश्यक है और वनों से वनवासियों को आय भी हो, इसके प्रयास किए जाएंगे। मेले में बायर-सेलर मीट के आयोजन प्रशंसनीय हैं। इसके अधिकाधिक आयोजन हों ताकि वनवासियों को वनोपज का दाम मिल सके।

श्री चौहान लाल परेड ग्राउंड में वन विभाग द्वारा आयोजित अतंर्राष्ट्रीय वन मेले के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे। वन मंत्री कुवंर विजय शाह, चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री विश्वास सारंग, आयुष राज्य मंत्री श्री राम किशोर कावरे, प्रमुख सचिव वन श्री अशोक वर्णवाल, जन-प्रतिनिधि और प्रदेश के विभिन्न अंचलों से आए वन समितियों के सदस्य उपस्थित थे।

  • पायलेट प्रोजेक्ट किया जाएगा प्रारंभ
  • कृषि उत्पादों के साथ करेंगे चंदन की खेती
  • बाँस, शहद, महुआ से बढ़ाएंगे आय
  • मुख्यमंत्री ने की वनोपज उत्पादों की ब्रॉन्डिंग
  • विंध्या हर्बल उत्पादों को करें प्रोत्साहित
मेले के मुख्य आकर्षण :

अंतराष्ट्रीय वन मेले में लगभग 300 स्टॉल स्थापित किए गए हैं, जिसमें मध्यप्रदेश सहित उत्तरप्रदेश, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, दिल्ली, उड़ीसा, महाराष्ट्र आदि के हर्बल उत्पादक शामिल हुए हैं।

बाँस उत्पाद को बढ़ावा दें

श्री चौहान ने कहा कि विश्व को बेहतर औषधियाँ चाहिए, जो हमें वनों से प्राप्त हो सकती हैं। हम दुनिया को औषधियाँ देकर मदद कर सकते हैं और अच्छा लाभ भी प्राप्त कर सकते हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि बाँस की मांग बढ़ती जा रही है। इसका क्षेत्र बढ़ रहा है।

श्री चौहान ने कहा कि हमने तेंदूपत्ते के अलावा अन्य वनोपज को खरीदने की भी व्यवस्था की है।

औषधियों के मामले में भी धनी हैं वन

श्री चौहान ने कहा कि हमारे मप्र के वन देश का ऑक्सीजन प्लांट हैं। साथ ही हमारे वन हमेशा से औषधियों के मामले में धनी हैं।
वनोपज हमारे जीवन, हमारे स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक और महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। वन मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने कहा कि कोरोना काल में आयुर्वेदिक काढ़े ने लाखों लोगों को महामारी से बचाया। मध्यप्रदेश ने आयुर्वेद के इस उत्पाद का प्रयोग कर दुनिया में उदाहरण प्रस्तुत किया।

 

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