परम्परागत तरीके से कपास उत्पादन को सशक्त बनाएं – श्री चौरसिया
06 अगस्त 2026, धार (कृषक जगत): परम्परागत तरीके से कपास उत्पादन को सशक्त बनाएं -श्री चौरसिया – कृषि विज्ञान केंद्र धार में रेजेनरेटिव प्रोडक्शन लैंडस्केप कोलैबोरेटिव के अंतर्गत वेस्टर्न म प्र कॉम्पैक्ट की सातवी बैठक का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में श्री विजय चौरसिया उपसंचालक कृषि ने संबोधित कर प्राकृतिक, जैविक परम्परागत तरीके से कपास उत्पादन को प्रभावी रूप से बढ़ावा दिए जाने की बात कही । उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा इस वर्ष कपास फसल की उत्पादकता बढ़ाने तथा कस्तूरी कॉटन पहल को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है ।
परम्परागत तरीके से कपास फसलों के उत्पादन को बढ़ाने से किसानों को इसके बेहतर दाम मिलेंगे। कृषि विभाग इन प्रयासों को सशक्त बनाने के लिए सभी संबंधित संस्थाओं के साथ मिलकर कार्य करने के लिए तत्पर है। जिले में कपास उत्पादन की तकनीकी जानकारी,कीट नियंत्रण , उन्नत किस्मो का विस्तार करने से जैविक कपास उत्पादन को बल मिलेगा। उत्पादन के साथ ही विपणन के लिए सभी संभावनाओं को तलाश करने के प्रयास सभी को करने होंगे। कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक श्री एस एस चौहान ने जिले की कृषि भूमि में मृदा कार्बनिक कार्बन का निरंतर कम होने की बात कही। बढ़ाने के लिए हरी खाद के रूप में ढैंचा एवं सनहेम्प के प्रयोग को प्रोत्साहित किया जाना उचित बताया।कृषि विज्ञान केंद्र किसानों एवं संस्थाओं को आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन करने के लिए सदैव तत्पर है। जिले में मृदा स्वास्थ्य सुधार एवं टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने के लिए सामूहिक प्रयास से यह सफल हो सकेगा । कार्यक्रम में परियोजना संचालक आत्मा श्री त्रिलोक चंद छावनिया, आरपीएलसी संस्था के राज्य प्रमुख श्री अमोल गावंडे सहित कृषि एवं अन्य विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित थे ।
आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture

