मध्यप्रदेश में मानसून की एंट्री के संकेत तेज, भोपाल-ग्वालियर समेत कई जिलों में बारिश-आंधी का अलर्ट; 18 जून से नया सिस्टम होगा सक्रिय
18 जून 2026, भोपाल: मध्यप्रदेश में मानसून की एंट्री के संकेत तेज, भोपाल-ग्वालियर समेत कई जिलों में बारिश-आंधी का अलर्ट; 18 जून से नया सिस्टम होगा सक्रिय – भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार मध्यप्रदेश में 17 जून को मौसम के अलग-अलग रंग देखने को मिले। बीते 24 घंटों के दौरान भोपाल संभाग के जिलों में अनेक स्थानों पर बारिश दर्ज की गई, जबकि नर्मदापुरम, ग्वालियर और जबलपुर संभाग में कई स्थानों पर वर्षा हुई। वहीं इंदौर, उज्जैन, चंबल, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के कुछ इलाकों में भी बारिश का दौर जारी रहा।
दूसरी ओर रतलाम जिले में लू तथा बालाघाट जिले के मलाजखंड क्षेत्र में तीव्र लू का प्रभाव देखने को मिला। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 42.2 डिग्री सेल्सियस छतरपुर जिले में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 18.4 डिग्री सेल्सियस पचमढ़ी (नर्मदापुरम) में रिकॉर्ड किया गया।
कई जिलों में हुई बारिश, गुना में भारी वर्षा
प्रदेश में बीते 24 घंटों के दौरान कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक 67 मिमी वर्षा गुना जिले के चाचौड़ा में रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा गौहरगंज में 53.4 मिमी, बैरसिया में 33.2 मिमी, मुलताई में 30.2 मिमी, हरसूद में 26 मिमी और सिवनी में 22.6 मिमी बारिश हुई। रीवा, सतना, सागर, बैतूल, बुरहानपुर, मंडला, डिंडोरी, रायसेन और अन्य जिलों में भी वर्षा दर्ज की गई।
आंधी और तेज हवाओं ने बढ़ाई गतिविधियां
मौसम विभाग के अनुसार कई जिलों में तेज हवाओं और आंधी का असर देखने को मिला। ग्वालियर में 70 किमी प्रति घंटे, जबलपुर में 65 किमी प्रति घंटे तथा अशोकनगर में 52 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। भोपाल, सीहोर, बैतूल, श्योपुर, सतना, गुना, इंदौर, सागर और विदिशा सहित कई जिलों में भी तेज हवाएं दर्ज की गईं। भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर और जबलपुर संभाग के अधिकांश जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और वज्रपात की गतिविधियां दर्ज की गईं। भिंड, बुरहानपुर और श्योपुर जिलों में धूलभरी आंधी भी चली।
तापमान की स्थिति
प्रदेश के अधिकांश संभागों में अधिकतम तापमान में कोई विशेष बदलाव नहीं हुआ। जबलपुर और शहडोल संभाग में तापमान सामान्य से 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक अधिक दर्ज किया गया। छतरपुर के खजुराहो और नौगांव में सर्वाधिक 42.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। वहीं अमरकंटक में सबसे कम अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री सेल्सियस रहा।
सिनोप्टिक मौसम परिस्थितियां
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के कुछ हिस्सों तक पहुंच चुकी है तथा अगले 4 से 5 दिनों के दौरान इसके आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। पंजाब से बिहार तक एक मौसमी ट्रफ सक्रिय है। इसके अलावा उत्तर-पश्चिम भारत, उत्तर प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ के आसपास विभिन्न स्तरों पर चक्रवाती परिसंचरण और ट्रफ लाइनें बनी हुई हैं, जिनका असर मध्यप्रदेश के मौसम पर भी पड़ रहा है। वहीं 18 जून से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है, जिससे मौसम गतिविधियों में और तेजी आने की संभावना है।
मौसम पूर्वानुमान और चेतावनी
मौसम विभाग ने भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगौन, इंदौर, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, अनूपपुर, शहडोल, डिंडोरी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और पांढुर्णा सहित कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश, वज्रपात और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है। वहीं रतलाम और बालाघाट जिलों में लू की स्थिति बने रहने की संभावना जताई गई है।
किसानों के लिए विशेष सलाह
मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वर्षा और आंधी की संभावना को देखते हुए सिंचाई, उर्वरक प्रयोग तथा कीटनाशक छिड़काव जैसे कार्य फिलहाल टाल दें। खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था बनाए रखें ताकि जलभराव से फसलों को नुकसान न हो। सब्जी फसलों, बेलदार पौधों और युवा फलदार पौधों को तेज हवाओं से बचाने के लिए सहारा दें। कटाई की गई उपज, बीज, उर्वरक और कृषि यंत्रों को सुरक्षित स्थान पर रखकर तिरपाल से ढंकें। पशुपालकों को सलाह दी गई है कि पशुओं को सुरक्षित एवं हवादार स्थानों पर रखें और बिजली चमकने या आंधी के दौरान खुले में चराई से बचाएं। किसानों को मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखते हुए कृषि कार्यों की योजना बनाने की भी सलाह दी गई है।
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