राज्य कृषि समाचार (State News)

सुमन पंचायत पहल से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने का संकल्प

स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास तथा पंचायत विभाग के समन्वय से होगा प्रभावी क्रियान्वयन

01 अगस्त 2026, उज्जैन: सुमन पंचायत पहल से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने का संकल्प – मध्यप्रदेश शासन द्वारा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ‘सुमन पंचायत’ पहल प्रारंभ की गई है। इस अभिनव अभियान का उद्देश्य प्रत्येक ग्राम पंचायत में सुरक्षित मातृत्व, संस्थागत प्रसव, नवजात शिशुओं की गुणवत्तापूर्ण देखभाल और पूर्ण टीकाकरण सुनिश्चित करते हुए मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को शून्य की दिशा में ले जाना है। अभियान के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाली पंचायतों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष पुरस्कार की व्यवस्था भी की गई है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक कुमार पटेल ने बताया कि उज्जैन जिले में ‘सुमन पंचायत’ अभियान का प्रभावी क्रियान्वयन स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा जनप्रतिनिधियों के समन्वय से किया जाएगा। अभियान के तहत प्रत्येक गर्भवती महिला का समय पर पंजीयन, नियमित प्रसव-पूर्व जांच, हाई रिस्क गर्भावस्था की पहचान और उचित प्रबंधन, संस्थागत प्रसव तथा जन्म के बाद नवजात शिशु की समुचित देखभाल सुनिश्चित की जाएगी।

उन्होंने बताया कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में आशा कार्यकर्ता, एएनएम, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और पंचायत प्रतिनिधि संयुक्त रूप से कार्य करेंगे। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी गर्भवती महिला आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रहे। गर्भवती महिलाओं की नियमित स्वास्थ्य जांच, जोखिमपूर्ण गर्भावस्था की समय पर पहचान, आवश्यकता होने पर स्वास्थ्य संस्थान तक त्वरित रेफरल तथा प्रसव के बाद मां और नवजात की नियमित देखभाल अभियान की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल रहेगी।

अभियान के तहत माताओं को स्तनपान के संबंध में आवश्यक परामर्श दिया जाएगा। साथ ही नवजात और बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देते हुए शत-प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य भी निर्धारित किया गया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा गांव स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और उनकी प्रगति की नियमित निगरानी की जाएगी।

उत्कृष्ट पंचायतों को मिलेगा राज्य स्तर पर सम्मान

‘सुमन पंचायत’ पहल के अंतर्गत पंचायतों के प्रदर्शन की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी। जिन पंचायतों में लगातार एक वर्ष तक मातृ मृत्यु नहीं होगी तथा पांच वर्ष तक के बच्चों में रोकी जा सकने वाली शिशु मृत्यु का कोई प्रकरण सामने नहीं आएगा, उन्हें उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। बेहतर प्रदर्शन करने वाली पंचायतों को एक लाख रुपये का पुरस्कार प्रदान करने के साथ राज्य स्तर पर सम्मानित किए जाने का प्रावधान किया गया है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने जिले के समस्त चिकित्सा अधिकारियों, बीएमओ, आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और पंचायत प्रतिनिधियों से अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गर्भवती महिला और नवजात शिशु तक समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

जनसामान्य से भी आग्रह किया गया है कि गर्भावस्था का शीघ्र पंजीयन कराएं, नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं, संस्थागत प्रसव को प्राथमिकता दें और बच्चों का समय पर पूर्ण टीकाकरण अवश्य कराएं। सामूहिक प्रयासों से ही “स्वस्थ मां, स्वस्थ शिशु और स्वस्थ उज्जैन” के लक्ष्य को साकार किया जा सकेगा।

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