राज्य कृषि समाचार (State News)

नरसिंहपुर : प्राकृतिक खेती के विस्तार पर विशेष फोकस

01 अगस्त 2026, नरसिंहपुरनरसिंहपुर : प्राकृतिक खेती के विस्तार पर विशेष फोकस –  जिले में प्राकृतिक खेती को जन-आंदोलन का स्वरूप देने और किसानों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से कलेक्टर श्रीमती रजनी सिंह की अध्यक्षता में  गत दिनों  कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आत्मा (एग्रीकल्चर टेक्नोलॉजी मैनेजमेंट एजेंसी) गवर्निंग बोर्ड की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कृषि एवं संबद्ध विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राकृतिक खेती के रकबे में निरंतर वृद्धि के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जाए तथा किसानों को व्यवहारिक प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए।

कलेक्टर श्रीमती सिंह ने कहा कि प्राकृतिक खेती केवल एक वैकल्पिक कृषि पद्धति नहीं, बल्कि मिट्टी की उर्वरा शक्ति को बनाए रखने, उत्पादन लागत कम करने, पर्यावरण संरक्षण और किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम है। इसलिए जिले में अधिक से अधिक किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।  उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक विकासखंड स्तर पर प्राकृतिक खेती विषयक कार्यशालाओं, प्रशिक्षण शिविरों और किसान संगोष्ठियों का नियमित आयोजन किया जाए। इन कार्यक्रमों में कृषि वैज्ञानिकों, कृषि विशेषज्ञों एवं सफल प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को आमंत्रित कर उनके अनुभव साझा कराए जाएं, ताकि अन्य किसान भी प्रेरित होकर इस पद्धति को अपनाएं।

कलेक्टर ने कहा कि कृषि विभाग द्वारा आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों में प्राकृतिक खेती को प्रमुखता से शामिल किया जाए। कार्यक्रमों में कृषि वैज्ञानिकों के साथ-साथ प्राकृतिक खेती कर रहे प्रगतिशील किसानों एवं कृषि सखियों को भी अपने अनुभव साझा करने का अवसर दिया जाए। किसानों के वास्तविक अनुभव और सफलता की कहानियां अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बनेंगी तथा प्राकृतिक खेती के प्रति उनका विश्वास और अधिक मजबूत होगा।

बैठक में कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले में प्राकृतिक खेती के अंतर्गत शामिल की जा रही खरीफ एवं रबी फसलों का विस्तृत डाटा तैयार किया जाए। यह भी दर्ज किया जाए कि प्राकृतिक खेती अपनाने के बाद किस फसल में कितना उत्पादन हुआ, उत्पादन में कितनी वृद्धि हुई, लागत में कितनी कमी आई तथा किसानों को आर्थिक रूप से कितना लाभ मिला। इन आंकड़ों के आधार पर जिले के सफल मॉडल तैयार किए जाएं और उनका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।  उन्होंने कहा कि कृषि विभाग किसानों के साथ नियमित संवाद स्थापित करे तथा खेत स्तर पर तकनीकी सहायता उपलब्ध कराए। प्राकृतिक खेती से जुड़े नवाचारों, आधुनिक तकनीकों और स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग के बारे में किसानों को समय-समय पर जानकारी दी जाए। साथ ही विभागीय योजनाओं का लाभ पात्र किसानों तक समय-सीमा में पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में आत्मा परियोजना के अंतर्गत संचालित किसान प्रशिक्षण, कृषक भ्रमण, प्रदर्शन, फसल विविधीकरण, कृषि यंत्रीकरण, उद्यानिकी विकास तथा अन्य विभागीय गतिविधियों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्य करते हुए निर्धारित लक्ष्यों की समय-सीमा में पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में उप संचालक कृषि श्री आरपी झारिया, परियोजना संचालक आत्मा, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य, कृषि अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारी, कृषि वैज्ञानिक, आत्मा गवर्निंग बोर्ड के सदस्य एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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