राज्य कृषि समाचार (State News)

मध्यप्रदेश में उर्वरक वितरण व्यवस्था में बड़ा बदलाव, अब हाइब्रिड मोड से मिलेगा खाद; ये दस्तावेज होंगे अनिवार्य

01 अगस्त 2026, भोपाल: मध्यप्रदेश में उर्वरक वितरण व्यवस्था में बड़ा बदलाव, अब हाइब्रिड मोड से मिलेगा खाद; ये दस्तावेज होंगे अनिवार्य – मध्यप्रदेश में किसानों को उर्वरक वितरण की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के निर्देशानुसार अब जिले में ई-विकास प्रणाली के स्थान पर हाइब्रिड मोड के माध्यम से उर्वरक (खाद) का वितरण किया जाएगा। नई व्यवस्था 30 जुलाई 2026 से लागू हो गई है। इसका उद्देश्य उर्वरक वितरण प्रक्रिया को अधिक सरल और सुचारू बनाना है।

उप संचालक कृषि, जिला बड़वानी ने बताया कि राज्य शासन ने ई-विकास प्रणाली (वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति समाधान) की व्यवस्था को सरल बनाने के लिए यह निर्णय लिया है। हाइब्रिड मोड के तहत उर्वरक वितरण के लिए संबंधित संस्थाओं और विक्रेताओं को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

खाद लेने के लिए ये दस्तावेज होंगे जरूरी

30 जुलाई से अगले आदेश तक किसानों को उर्वरक खरीदते समय कुछ जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। किसानों को खाद लेने के दौरान अपने साथ आधार कार्ड की छायाप्रति (फोटोकॉपी), भूमि रिकॉर्ड संबंधी दस्तावेज
और मोबाइल नंबर होना जरूरी है।  विभाग ने किसानों से अपील की है कि खाद लेने के लिए आते समय ये दस्तावेज अपने साथ अवश्य लाएं, ताकि वितरण प्रक्रिया में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

सभी विक्रेताओं को दिए गए निर्देश

नई व्यवस्था के तहत जिले की सभी प्राथमिक कृषि सहकारी समितियां (PACS), विपणन संघ के डबल लॉक केंद्र, एम.पी. एग्रो के विक्रय केंद्र तथा सभी निजी उर्वरक विक्रेताओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे किसानों को बेचे जाने वाले उर्वरक का पूरा रिकॉर्ड रजिस्टर में दर्ज करें। रजिस्टर में उर्वरक का विवरण कंपनीवार, उर्वरकवार और वितरित मात्रा सहित संधारित करना अनिवार्य होगा। विभाग के अनुसार, हाइब्रिड मोड के तहत वितरित किए गए उर्वरक की जानकारी बाद में संबंधित पोर्टल पर भी दर्ज की जाएगी, ताकि सभी रिकॉर्ड डिजिटल रूप से उपलब्ध रहें।

बैठक कर दी जाएगी जानकारी

नई व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए जिले की सभी शासकीय संस्थाओं और निजी उर्वरक विक्रेताओं की बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में हाइब्रिड मोड से उर्वरक वितरण की प्रक्रिया और आवश्यक दिशा-निर्देशों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी।

लापरवाही पर होगी कार्रवाई

कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि नई व्यवस्था की नियमित समीक्षा की जाएगी, ताकि किसानों को उर्वरक प्राप्त करने में किसी प्रकार की असुविधा न हो। साथ ही सभी उर्वरक विक्रेताओं को निर्देशों का कड़ाई से पालन करने के लिए कहा गया है। यदि कोई विक्रेता नियमों की अनदेखी करता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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