राज्य कृषि समाचार (State News)

मोहन कैबिनेट का बड़ा फैसला: मध्यप्रदेश में ‘कवच योजना’ को मिली मंजूरी, हजारों डिफॉल्टर किसानों को मिलेगा लाभ

05 अगस्त 2026, भोपाल: मोहन कैबिनेट का बड़ा फैसला: मध्यप्रदेश में ‘कवच योजना’ को मिली मंजूरी, हजारों डिफॉल्टर किसानों को मिलेगा लाभ – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित मंत्रि-परिषद की बैठक में किसानों के हित में बड़ा फैसला लिया गया। मंत्रि-परिषद ने सहकारिता विभाग की ‘कवच योजना’ को मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत सहकारी समितियों से जुड़े ऐसे करीब 5 हजार किसानों को राहत मिलेगी, जिनके ऋण खातों में गड़बड़ियां होने और जांच लंबित रहने के कारण वे सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे थे। अब ऐसे किसानों को मुख्यधारा में लाकर दोबारा ऋण उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वे सरकारी योजनाओं का लाभ भी प्राप्त कर सकेंगे।

क्यों पड़ी कवच योजना की जरूरत?

सहकारी समितियों के कई किसानों के ऋण खातों में गड़बड़ियां सामने आई थीं। इन मामलों की जांच लंबित रहने के कारण प्रभावित किसान न तो नया ऋण ले पा रहे थे और न ही सरकार की विभिन्न किसान हितैषी योजनाओं का लाभ प्राप्त कर पा रहे थे। इस स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने किसानों को राहत देने के उद्देश्य से कवच योजना लागू करने का निर्णय लिया है।

मंत्रि-परिषद के निर्णय के अनुसार, योजना के तहत प्रभावित किसानों को दोबारा सहकारी ऋण प्रणाली से जोड़ा जाएगा और उन्हें नया ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। इससे वर्षों से अटकी उनकी वित्तीय गतिविधियां फिर शुरू हो सकेंगी और वे बिना किसी बाधा के सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे।

राहत के लिए बनेगा विशेष फंड

प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए अपैक्स बैंक और जिला सहकारी बैंक अपने स्तर पर 50 करोड़ रुपये तक की निधि का निर्माण करेंगे। इसके अलावा राज्य सरकार किसान हित में 25 करोड़ रुपये की अंशपूंजी सहायता एकमुश्त उपलब्ध कराएगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य प्रभावित किसानों को शीघ्र राहत देना और उन्हें सहकारी व्यवस्था से दोबारा जोड़ना है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में लिया गया यह निर्णय सहकारिता से जुड़े हजारों किसानों को राहत देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे लंबे समय से ऋण संबंधी समस्याओं का सामना कर रहे किसानों के लिए दोबारा वित्तीय सहायता और सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने का रास्ता साफ होगा।

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