औषधीय फसल ईरानी अकरकरा बनी किसानों की नई पसंद, 6-8 महीने में तैयार होकर देती है बेहतर मुनाफा
01 अगस्त 2026, भोपाल: औषधीय फसल ईरानी अकरकरा बनी किसानों की नई पसंद, 6-8 महीने में तैयार होकर देती है बेहतर मुनाफा – मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले के विकासखंड पाटन स्थित ग्राम महगवा के प्रगतिशील किसान कृष्ण कुमार सिंह लोधी परंपरागत फसलों से हटकर औषधीय फसल ईरानी अकरकरा की खेती कर किसानों के लिए नई मिसाल पेश कर रहे हैं। पिछले दो वर्षों से वे इस फसल की खेती कर रहे हैं। कम पानी की आवश्यकता, कम रोग-कीट प्रकोप और बेहतर बाजार मांग के कारण यह फसल किसानों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है।
हाल ही में अनुविभागीय कृषि अधिकारी डॉ. इंदिरा त्रिपाठी के नेतृत्व में वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्रीमती सीमा राउत, कृषि विस्तार अधिकारी इशिता श्रीवास्तव एवं देवआनंद सिंह ने किसान के खेत का निरीक्षण कर फसल की प्रगति का जायजा लिया।
औषधीय उपयोग के कारण बनी मांग वाली फसल
कृष्ण कुमार सिंह लोधी ने बताया कि ईरानी अकरकरा एक महत्वपूर्ण औषधीय फसल है। इसका उपयोग जड़ी-बूटियों, दंत मंजन, शक्तिवर्धक दवाओं और विभिन्न आयुर्वेदिक औषधियों के निर्माण में किया जाता है। औषधीय उद्योग में इसकी लगातार मांग बनी रहती है, जिससे किसानों को बेहतर बाजार मिलने की संभावना रहती है।
कम पानी और कम बीमारी, इसलिए बढ़ रहा रुझान
किसान के अनुसार, इस फसल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें पारंपरिक फसलों की तुलना में पानी की आवश्यकता काफी कम होती है। साथ ही इसमें कीट और बीमारियों का प्रकोप भी बहुत कम होता है। इससे खेती की लागत घटती है और फसल प्रबंधन आसान हो जाता है।
6 से 8 महीने में तैयार, बेहतर मुनाफे की उम्मीद
ईरानी अकरकरा की फसल लगभग 6 से 8 महीने में तैयार हो जाती है। कृष्ण कुमार का कहना है कि इस फसल से पारंपरिक खेती की तुलना में कई गुना अधिक मुनाफा मिलने की संभावना रहती है। यही वजह है कि वे लगातार दूसरे वर्ष भी इसकी खेती कर रहे हैं।
किसानों को नई फसलों की ओर बढ़ना चाहिए
अनुविभागीय कृषि अधिकारी डॉ. इंदिरा त्रिपाठी ने किसान कृष्ण कुमार सिंह लोधी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि खेती को लाभ का व्यवसाय बनाने के लिए किसानों को पारंपरिक फसलों के साथ-साथ औषधीय और नकदी फसलों को भी अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ईरानी अकरकरा जैसी फसलें किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग ऐसे नवाचारी किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन और हरसंभव सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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