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राज्य कृषि समाचार (State News)

शासन से मिलेगी सब्सिडी, तब मिलेगा बीमा दावा

(राजेश दुबे)

29 जून 2021, भोपाल ।  शासन से मिलेगी सब्सिडी, तब मिलेगा बीमा दावा – खरीफ 2019 में फसल बीमा के लाभ से वंचित किसानों को राज्य सरकार ने केन्द्र से आग्रह कर फसल बीमा पोर्टल दुबारा खुलवाकर आशा की किरण दिखाई थी। राज्य सरकार का यह प्रयास काफी हद तक सफल भी हुआ। मार्च 2021 में खरीफ 2019 के लिये दुबारा पोर्टल खुलने पर लगभग 3 लाख किसानों की जानकारी अपडेट हुई थी। जिसमें से लगभग 2 लाख किसानों के बीमा क्लेम मंजूर हुए हैं।

लेकिन बीमा क्लेम की राशि किसानों के खाते में पहुँचने में अभी और वक्त लग सकता है। सूत्रों के अनुसार इस देरी का कारण बीमा कम्पनियों को इन प्रकरणों की लगभग 300 करोड़ की सरकारी सब्सिडी न मिलना है। उल्लेखनीय होगा कि खरीफ सीजन में फसल बीमा की प्रीमियम राशि में से केवल 1.5 प्रतिशत राशि ही किसान द्वारा चुकाई जाती है, शेष राशि केन्द्र व राज्य द्वारा अनुदान के रूप में बीमा कम्पनियों को दी जाती है। बीमा कम्पनियों के सूत्रों का कहना है कि शासन द्वारा सब्सिडी राशि बीमा कम्पनियों को प्राप्त होते ही कम्पनियां क्लेम राशि का भुगतान किसानों के खाते में कर देगी। लेकिन ”हाथी निकल गया पूँछ अटक गईÓÓ की तर्ज पर इस मामले में भी किसान पूरे हाथी के बाहर आने का इंतजार कर रहा है। उम्मीद है कि राज्य सरकार पूरे हाथी को शीघ्र बाहर निकाल कर प्रदेश के किसानों की आशा की किरण को जगमग रोशनी में बदल देगी।

फसल बीमा के लिए बैंक होंगे जवाबदार

राज्य सरकार के आग्रह पर केंद्र द्वारा खरीफ 2019 के लिए बीमा पोर्टल दुबारा खोलने के बावजूद जिन बैंकों ने प्रीमियम काटने बाद भी किसानों की जानकारी दर्ज नहीं की है, उन किसानों के बीमा क्लेम की जिम्मेदारी बैंकों की होगी। इस सम्बन्ध में कृषि विभाग द्वारा जिले के उप संचालकों तथा कलेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि ऐसे प्रकरणों की जाँच कर संबंधित बैंक से किसानों को बीमा क्लेम दिलवाया जाये। सरकार ने जब किसानों की फसल बीमा का लाभ न मिलने की शिकायतों की जाँच की तो पता चला की कई बैंकों ने किसानों के खातों से फसल बीमा का प्रीमियम तो काट लिया है लेकिन बीमा पोर्टल पर निर्धारित समयावधि में किसानों की जानकारी दर्ज नहीं की है, इसी कारण इन किसानों को फसल बीमा का लाभ नहीं मिल पाया है। इसी कारण सरकार ने बैंकों की जिम्मेदारी तय करने का निर्णय लिया है।

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