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राज्य कृषि समाचार (State News)

आचार संहिता के चलते नगद भुगतान नहीं होने से किसान परेशान

21 मार्च 2024, इंदौर: आचार संहिता के चलते नगद भुगतान नहीं होने से किसान परेशान – मध्य प्रदेश की सभी मंडियों में किसानों को दो लाख तक की उपज बेचने पर नकद भुगतान का नियम है , जिसका प्रायः पालन भी किया जाता है, लेकिन इन दिनों लोकसभा चुनाव के लिए आचार संहिता लगी हुई है। नकद राशि की जब्ती की आशंका और परेशानियों को देखते हुए अनाज व्यापारी  किसानों को दो लाख तक का भुगतान नकद करने से बच रहे हैं। इस कारण किसान परेशान हो रहे हैं।

इस संबंध में संयुक्त किसान मोर्चा के श्री रामस्वरूप मंत्री और श्री बबलू जाधव ने  बताया कि पिछले तीन दिनों से इंदौर मंडी में उपज लेकर आ रहे किसानों को नगद भुगतान नहीं हो पा रहा है। अनाज व्यापारी, आचार संहिता की आड़ में नकद भुगतान से बच  रहे हैं,  जिससे  किसानों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है । वर्तमान में  शादियों का दौर चल रहा है, ऐसे समय में किसानों को रुपयों की सख्त जरूरत रहती है । इस बारे में किसान संगठनों ने इंदौर कलेक्टर को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि किसानों को अपनी उपज विक्रय के दो लाख तक के नगद भुगतान की पूर्व व्यवस्था को सख्ती से लागू कराएं , वहीं व्यापारियों को भी किसानों को भुगतान के संबंध में पुलिस की सख्ती से राहत दिलाएं, ताकि किसानों को समय पर भुगतान हो सके।

इस पेचीदा मामले में व्यापारियों का कहना है कि जब भी आचार संहिता लगती है , नकद राशि साथ में ले जाने पर पुलिस जाँच  होने पर काम धंधे छोड़कर हमें घंटों परेशान होना पड़ता है। इसलिए आचार संहिता के दौरान नकद भुगतान की व्यवस्था प्रभावित  होती है और किसानों को भुगतान में विलम्ब होता है। इसमें हमारी कोई गलती नहीं है। मंडी प्रशासन द्वारा भी इस समस्या के समाधान के लिए कलेक्टर को अवगत कराया गया है। वहीं व्यापारियों  को भी  किसानों को आरटीजीएस से भुगतान करने के लिए  प्रोत्साहित किया जा रहा है ।

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