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राज्य कृषि समाचार (State News)

बलराम कृषि महोत्सव: CM मोहन यादव बोले- आधुनिक खेती अपनाएं, किसानों की आय दोगुनी करना सरकार का संकल्प

03 अगस्त 2026, भोपाल: बलराम कृषि महोत्सव: CM मोहन यादव बोले- आधुनिक खेती अपनाएं, किसानों की आय दोगुनी करना सरकार का संकल्प – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि बलराम कृषि महोत्सव केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि किसानों को आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक खेती और समृद्ध भविष्य से जोड़ने का व्यापक अभियान है। उन्होंने किसानों से नई तकनीकों को अपनाने, प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ने और फसल विविधीकरण पर जोर देते हुए कहा कि राज्य सरकार खेती को अधिक लाभकारी बनाने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है।

मुख्यमंत्री शनिवार को हरदा के कृषि उपज मंडी प्रांगण में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को जबलपुर से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे।

हरदा को बताया कृषि क्षेत्र में अग्रणी

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरदा का भुआणा क्षेत्र अपनी उपजाऊ भूमि के लिए जाना जाता है। नर्मदा नदी का जल यहां की खेती को और अधिक समृद्ध बना रहा है। जिले ने मूंग, सोयाबीन और गेहूं के साथ-साथ हरी मिर्च उत्पादन में भी अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि सरकार जिले के अंतिम छोर तक सिंचाई का पानी पहुंचाने के लिए लगातार कार्य कर रही है।

खेती के साथ पशुपालन और डेयरी पर भी फोकस

डॉ. यादव ने बताया कि राज्य सरकार ने 16 विभागों की समन्वित कार्ययोजना तैयार की है, जिसके तहत पारंपरिक खेती के साथ दूध उत्पादन, मत्स्य पालन, पशुपालन, फल, सब्जी, मसाले और फूलों की खेती को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके अलावा प्राकृतिक खेती और आधुनिक कृषि तकनीकों को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि अब सहकारी समितियों से लिए गए कृषि ऋणों पर किसानों को साल में केवल एक बार ब्याज देना होगा। साथ ही भूमि अधिग्रहण की स्थिति में बेहतर आर्थिक मुआवजा देने की व्यवस्था भी की गई है।

आधुनिक खेती अपनाने की अपील

मुख्यमंत्री ने किसानों से कहा कि अब केवल पारंपरिक खेती के भरोसे नहीं रहा जा सकता। किसानों को अपनी मिट्टी की जांच कराकर उसी के अनुरूप फसल का चयन करना चाहिए। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से बचने और प्राकृतिक एवं जैविक खेती अपनाने की सलाह दी।

उन्होंने फसल विविधीकरण को समय की जरूरत बताते हुए कहा कि एक ही खेत में अलग-अलग फसलें लगाने से जोखिम कम होगा और किसानों की आय में वृद्धि होगी।

किसानों के सम्मान में सरकार प्रतिबद्ध

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और प्रदेश सरकार किसान कल्याण के लिए लगातार बड़े फैसले ले रही है। किसानों की मेहनत से देश का अन्न भंडार भरता है, इसलिए सरकार के मन में किसानों के प्रति गहरा सम्मान है। उन्होंने बताया कि किसानों के खातों में एक साथ 4,000 रुपये की सम्मान निधि भी अंतरित की गई है।

2026 को बनाया गया ‘कृषक कल्याण वर्ष’

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने वर्ष 2026 को ‘कृषक कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। इसके तहत प्रदेशभर में बलराम कृषि महोत्सव आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि किसानों को वैज्ञानिक खेती, नई तकनीकों और सरकारी योजनाओं की जानकारी मिल सके।

सिंचाई और डेयरी क्षेत्र में बड़े लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़कर 65 लाख हेक्टेयर हो गया है, जबकि वर्ष 2002-03 से पहले यह केवल साढ़े सात लाख हेक्टेयर था। पिछले ढाई वर्षों में ही सिंचाई क्षेत्र में 10 लाख हेक्टेयर से अधिक की वृद्धि हुई है।

उन्होंने कहा कि इसी वर्षा ऋतु के बाद किसानों को रात के साथ-साथ दिन में भी सिंचाई के लिए बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा किसानों की आय बढ़ाने के लिए राज्य सरकार प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को वर्तमान 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य लेकर काम कर रही है।

कृषि विशेषज्ञों ने दी वैज्ञानिक खेती की जानकारी

कार्यक्रम में कृषि वैज्ञानिक डॉ. मुकेश कुमार बंकोलिया और डॉ. ओ.पी. भारती ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग, कीट एवं रोग प्रबंधन तथा आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी दी। उन्होंने प्राकृतिक खेती के लाभ और फसलों की सुरक्षा के उपाय भी बताए।

उत्कृष्ट किसानों का हुआ सम्मान

बलराम कृषि महोत्सव में कृषि, प्राकृतिक खेती, जैविक उत्पादन, मोटे अनाज, डेयरी, कृषि अभियांत्रिकी और उद्यानिकी के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों द्वारा सरकारी योजनाओं की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जहां किसानों को योजनाओं और आधुनिक कृषि उपकरणों की जानकारी दी गई। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने किसानों को उन्नत खेती के बारे में भी मार्गदर्शन दिया।

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