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किसानों की सफलता की कहानी (Farmer Success Story)

चर्चा में है भेरूलाल की भिंडी

चर्चा में है भेरूलाल की भिंडी

24 जुलाई 2020, इंदौर। चर्चा में है भेरूलाल की भिंडी – लॉकडाउन से बिगड़े हालातों से कोई निराश हो गया, तो किसी ने इसे चुनौती मानकर विपरीत परिस्थिति में भी कुछ कर गुजरने की ठानी और अच्छा नतीजा पाया। रोहनकलां के ऐसे ही एक किसान श्री भेरूलाल परमार हैं,जिन्होंने लॉक डाउन में डेढ़ बीघे में भिंडी लगाई थी। करीब दो माह बाद इस फसल से अब हर तीसरे दिन 4 क्विंटल भिंडी निकल रही है। इस कारण श्री भेरूलाल यह भिंडी चर्चा में है।

उज्जैन जिले के नागदा के पास ग्राम रोहनकलां के किसान श्री भेरूलाल परमार ने कृषक जगत को बताया कि लॉक डाउन के दिनों में सब्जी का संकट देखकर भिंडी लगाने का विचार आया और डेढ़ बीघे में दो किलो भिंडी का बीज लगाया था। करीब दो माह बाद भिंडी का उत्पादन शुरू हुआ। आज स्थिति यह है कि हर तीसरे दिन भिंडी तोडना पड़ रही है, जिससे 4 क्विंटल उत्पादन मिल रहा है। जिसे बाजार में थोक नीलामी में बेचने पर दाम 7-8 रुपए/किलो मिल रहा हैं, जो अधिकतम 10 रु. किलो है। इससे किसान संतुष्ट नहीं है।

श्री परमार ने बताया कि इन दिनों रेल, बस की परिवहन सेवा बंद होने से फसल का निर्यात नहीं हो रहा है। इस कारण दाम कम मिलने से नुकसान हो रहा है। पहले नागदा से म.प्र. के अलावा राजस्थान, महाराष्ट्र और गुजरात भी सब्जियां भेजी जाती थी। जो इन दिनों बंद है। यदि पार्सल रेलों की शुरुआत हो जाए तो यही भिंडी 10-15 रु./किलो थोक में बिकने लगे। इससे सब्जी उत्पादकों का लाभ बढ़ जाएगा।

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