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फसल की खेती (Crop Cultivation)

जानिए सरसों की किस्म पूसा सरसों 30 (एलईएस-43) की विशेषतांए

19 जुलाई 2023, भोपाल: जानिए सरसों की किस्म पूसा सरसों 30 (एलईएस-43) की विशेषतांए – सरसों की किस्म पूसा सरसों 30 उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और पूर्वी राजस्थान के लिए अत्यधिक उपयुक्त हैं। यह भारतीय सरसों की निम्न एरूसिक एसिड (एकल शून्य) किस्म है।

मुख्य विशेषताएं

इस किस्म की औसत बीज उपज 18.24 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है जिसमें 37.7% तेल की मात्रा होती है। इसके बीज मोटे होते हैं और लगभग 137 दिनों में पक जाते हैं। इस किस्म से निर्दिष्ट कृषि के अंतर्गत प्रति इकाई क्षेत्र में उच्च उत्पादकता प्राप्त होती हैं। 000000000000000000000000000000000000000000000000000000000000000000000000

जानिए सरसों की किस्म पूसा सरसों 29 (एलईटी-36) की विशेषतांए

सरसों की किस्म पूसा सरसों-29, दिल्ली, हरियाणा, जम्मू, पंजाब और उत्तरी राजस्थान में खेती के लिए अत्यधिक उपयुक्त मानी जाती हैं। यह भारतीय सरसों की निम्न इरुसिक एसिड (एकल शून्य) किस्म है।

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मुख्य विशेषताएं

इस किस्म की औसत बीज उपज 21.69 क्विंटल/हेक्टेयर है, जिसमें औसतन 37.2% तेल सामग्री होती है। यह बुआई के लगभग 143 दिन बाद पक जाती है।

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