राज्य कृषि समाचार (State News)

सोयाबीन कृषकों को साप्ताहिक सलाह

18 सितम्बर 2023, इंदौर: सोयाबीन कृषकों को साप्ताहिक सलाह – भा.कृ.अनु.प.-भारतीय सोयाबीन अनुसन्धान संस्थान, इंदौर द्वारा 18 से 24 सितम्बर 2023 के सप्ताह के लिए सोयाबीन कृषकों के लिए उपयोगी सलाह दी गई है ।

अ. वर्तमान परिप्रेक्ष्य में सम-सामयिक सलाह

जिन किसानों द्वारा सोयाबीन की शीघ्र पकने वाली किस्में लगाईं गई है, परिपक्वता के अंतिम पड़ाव पर है तथा कुछ क्षेत्रों में कटाई के लिए तैयार है , लेकिन मध्य प्रदेश के इंदौर समेत कई जिलों में विगत सप्ताह से लगातार हो रही अतिवृष्टि के परिप्रेक्ष्य में सोया कृषकों को निम्न उपाय अपनाने की सलाह दी जा रही है –

1 लगातार बारिश होने वाले क्षेत्रों में तुरंत खेत से अतिरिक्त जल की निकासी की व्यवस्था करे एवं जलभराव की स्थिति से होने वाले नुकसान से फसल को बचाएं ।

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2 सोयाबीन की फलियों में दाने भरने या परिपक्वता की अवस्था में फसल पर होने वाली लगातार बारिश से सोयाबीन की गुणवत्ता में कमी आ सकती है या फलियों के दाने अंकुरित होने की भी सम्भावना हो सकती हैं. अतः सलाह है कि उचित समय पर फसल की कटाई  करें , जिससे फलियों के चटकने से होने वाले नुकसान या फलियों के अंकुरित होने से बीज की गुणवत्ता में आने वाली कमी से बचा जा सके।

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3 सोयाबीन की शीघ्र पकनेवाली किस्मों में 90% फलियों का रंग  पीला  पड़ने पर फसल की कटाई कर सकते हैं।  इससे बीज के अंकुरण में विपरीत प्रभाव नहीं होता।

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4 सोयाबीन फसल की कटाई करने से पहले कृषकगण कृपया मौसम का पूर्वानुमान  देखें  एवं कटाई के बाद 4-5 दिन तक वर्षा नहीं आने की सम्भावना होने पर ही कटाई करें, अन्यथा कटाई के बाद होने वाली वर्षा से फसल पर फफूंद लग सकती है।

5 सोयाबीन की कटी  हुई  फसल को धुप में सुखाने के पश्चात गहाई करें। तुरंत गहाई करना संभव नहीं होने की स्थिति में बारिश से बचाने हेतु फसल को सुरक्षित स्थान पर इकठ्ठा करें।

6 आगामी वर्ष बीज के रूप में उपयोगी सोयाबीन की फसल की गहाई 350 से 400 आर.पी.एम. पर करें, जिससे बीज की गुणवत्ता पर विपरीत प्रभाव नहीं पड़े।

 ब. कीट /रोग प्रबंधन बाबत सलाह

जहाँ पर मध्यम समयावधि या देरी से पकने वाली किस्में लगाई गई हैं, सोयाबीन फसल 80 दिन की अवधि पूर्ण कर चुकी हैं, फसल पर कीट या रोग नियंत्रण के लिए निम्न उपाय अपनाने की सलाह है –

7 बीजोत्पादन कार्यक्रम वाले खेत में सलाह है कि फसल पर निम्न अनुशंसित फफूंदनाशकों में से किसी एक का फसल पर छिड़काव  करें।

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टेबूकोनाजोल 25.9 ई.सी. (625 मिली/हे) या टेबूकोनाझोल 10%+सल्फर 65%WG (1250 ग्राम/हे) याकार्बेन्डाजिम+मेन्कोजेब 63% WP (1250 ग्राम/हे) या पिकोक्सीस्ट्रोबिन 22.52% w/wSC (400मिली/हे) या फ्लुक्सापाय्रोक्साड 167 g/l + पायरोक्लोस्ट्रोबीन 333 g/l SC (300 ग्रा/हे.) यापायरोक्लोस्ट्रोबीन 133 g/l + इपिक्साकोनाजोल 50g/l SE (750 मिली/हे)।  इनके छिड़काव  से ब्राउन स्टेम रोट , पोड ब्लाइट, एन्थ्राक्नोज, रायजोक्टोनिया एरियल ब्लाइट जैसे फफूंदजनित रोगों का भी नियंत्रण हो सकेगा।

8  तम्बाकू की इल्ली के नियंत्रण हेतु सलाह है कि फसल पर फ्लूबेंडियामाइड 39.35 एस.सी (150 मि.ली.) या फ्लूबेंडियामाइड 20 डब्ल्यू.जी. (250-300 ग्रा./हे) या स्पायनेटोरम 11.7 एस.सी (450 मिली/हे) का छिड़काव  करें।

9 दाने भरने की अवस्था में फली भेदक चने की इल्ली द्वारा फलियों के अन्दर से दाने खाने की सम्भावना होती है, अतः इसके नियंत्रण हेतु निम्न में से किसी एक कीटनाशक का छिड़काव करने की सलाह है – इंडोक्साकार्ब15.8 एस.सी (333 मि.ली/हे ), या फ्लूबेंडियामाइड 39.35 एस.सी (150 मि.ली.) या नोवाल्युरोन +इन्डोक्साकार्ब 04.50 % एस. सी. (825-875 मिली/हे) या इमामेक्टिन बेंजोएट 01.90 (425 मि.ली./हे)।

अन्य सुरक्षात्मक उपाय/सामान्य सलाह

1 तम्बाकू की इल्ली एवं चने की इल्लियों के नियंत्रण हेतु बाजार में उपलब्ध कीट-विशेष फेरोमोन ट्रैप या प्रकाश प्रपंच लगाएं।  इनके सेप्टा लगाने से पूर्व अपने हाथ स्वच्छ है यह सुनिश्चित करें।

2 जैविक सोयाबीन उत्पादन करने वाले कृषकों को सलाह है कि पत्ती खाने वाली इल्लियों (सेमीलूपर, तम्बाकू की इल्ली ) से फसल की सुरक्षा एवं प्रारंभिक अवस्था में ही रोकथाम हेतु बेसिलस थुरिन्जिएन्सिस अथवा ब्युवेरिया बेसिआना या नोमुरिया रिलेयी (1.0ली./हेक्टे) का  छिड़काव करें।

3 कीटभक्षी पक्षियों द्वारा इल्लियों को खाने से होने वाले नियंत्रण को और सुविधाजनक बनाने हेतु सोयाबीन फसल में पक्षियों की बैठने हेतु “T” आकार के बर्ड-पर्चेस लगाये . इससे कीट-भक्षी पक्षियों द्वारा भी इल्लियों की संख्या कम करने में सहायता मिलती है।

4 वायरस जनित पीला मोज़ेक रोग से सुरक्षा हेतु इन रोगों को फैलाने वाले रस चूसक  कीट सफ़ेद मक्खी के नियंत्रण के लिए अपने खेत में विभिन्न स्थानों पर पीला स्टिकी ट्रैप लगाएं।

5. सोयाबीन फसल पर पौध संरक्षण के लिए अनुशंसित रसायनों (कीटनाशक/फफूंद नाशक) के छिड़काव में पर्याप्त पानी की मात्रा (नेप्सेक स्प्रेयर  या ट्रैक्टर चलित स्प्रेयर  से 450 लीटर/हे पॉवर स्प्रेयर से 125 लीटर/हे न्यूनतम) का उपयोग करें।

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