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एग्रीकल्चर मशीन (Agriculture Machinery)

ड्रिप सिंचाई परियोजनाओं से प्रतिवर्ष 325 मिलियन लीटर पानी बचाने के लिए ऑर्बिया नेटाफिम और अमेज़न इंडिया की साझेदारी

05 मार्च 2026, भारत: ड्रिप सिंचाई परियोजनाओं से प्रतिवर्ष 325 मिलियन लीटर पानी बचाने के लिए ऑर्बिया नेटाफिम और अमेज़न इंडिया की साझेदारी – ऑर्बिया एडवांस कॉरपोरेशन (Orbia Advance Corporation) के प्रिसिजन एग्रीकल्चर व्यवसाय नेटाफिम (Netafim)ने अमेज़न इंडिया (Amazon India) के साथ दो जल संरक्षण पहलों की घोषणा की है, जिनके तहत बेंगलुरु और हैदराबाद के कृषि क्षेत्रों में ड्रिप सिंचाई प्रणाली लागू कर प्रतिवर्ष लगभग 325 मिलियन लीटर पानी की बचत का लक्ष्य रखा गया है।

इन परियोजनाओं के तहत बेंगलुरु के पश्चिमी कृषि क्षेत्र में 80 हेक्टेयर और हैदराबाद के उत्तरी कृषि क्षेत्र में 40 हेक्टेयर भूमि पर ड्रिप सिंचाई लागू की जाएगी। इससे 110 से अधिक स्वतंत्र किसानों के खेतों को लाभ मिलने की उम्मीद है। परियोजना से बेंगलुरु क्षेत्र में प्रतिवर्ष लगभग 175 मिलियन लीटर और हैदराबाद क्षेत्र में लगभग 150 मिलियन लीटर पानी की बचत होने का अनुमान है।

बेंगलुरु में इस परियोजना के तहत लौकी और टमाटर की खेती करने वाले लगभग 70 किसानों के 80 हेक्टेयर खेतों में पारंपरिक बाढ़ सिंचाई प्रणाली को ड्रिप सिंचाई में बदला जाएगा। वहीं हैदराबाद क्षेत्र में मक्का और सब्ज़ी की खेती करने वाले लगभग 40 किसानों के 40 हेक्टेयर खेतों में ड्रिप सिंचाई अपनाई जाएगी।

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यह पहल अमेज़न के उस लक्ष्य के अनुरूप है जिसके तहत कंपनी 2027 तक भारत में ‘वॉटर पॉजिटिव’ बनने का लक्ष्य रखती है, यानी अपनी प्रत्यक्ष गतिविधियों में जितना पानी उपयोग करती है उससे अधिक पानी समुदायों को वापस लौटाना।

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बेंगलुरु और हैदराबाद सहित कर्नाटक और तेलंगाना के कई क्षेत्रों में जल संसाधनों पर दबाव बढ़ रहा है। आसपास के कृषि क्षेत्रों में सिंचाई दक्षता बढ़ाने से पानी की खपत कम होने के साथ कृषि उत्पादकता को बनाए रखने में भी मदद मिल सकती है।

बेंगलुरु परियोजना में शामिल किसान वर्तमान में टीजी हल्ली जलाशय (Thippagondanahalli Reservoir) से जुड़े जल स्रोतों का उपयोग करते हैं। यह जलाशय बेंगलुरु के पश्चिम और उत्तर क्षेत्रों के कई शहरी इलाकों, व्यावसायिक क्षेत्रों और अमेज़न की सुविधाओं को पानी उपलब्ध कराता है।

हैदराबाद में भाग लेने वाले किसान कोंडापोचम्मा सागर जलाशय (Kondapochamma Sagar Reservoir) से जुड़े जल स्रोतों का उपयोग करते हैं, जो कलेश्वरम लिफ्ट इरिगेशन स्कीम (Kaleshwaram Lift Irrigation Scheme) का एक महत्वपूर्ण बैलेंसिंग जलाशय है।

अमेज़न इंडिया और ऑस्ट्रेलिया में ऑपरेशंस के वाइस प्रेसिडेंट अभिनव सिंह ने कहा, “यह पहल ऐसे व्यावहारिक समाधानों पर केंद्रित है जो जमीन पर वास्तविक प्रभाव पैदा करते हैं। इससे किसानों को अपनी सिंचाई प्रणाली की दक्षता बढ़ाने में मदद मिलेगी और जल-संकट वाले क्षेत्रों में जल सुरक्षा को भी समर्थन मिलेगा। भारत में जिम्मेदार जल उपयोग को बढ़ावा देने के लिए हम ऐसे सहयोगों के प्रति प्रतिबद्ध हैं।”

इस परियोजना के तहत जिन खेतों में बाढ़ सिंचाई से ड्रिप सिंचाई की ओर बदलाव होगा, वहां पानी की खपत में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है, जबकि फसल उत्पादकता और पैदावार स्थिर बनी रह सकती है। पारंपरिक बाढ़ सिंचाई के विपरीत, ड्रिप सिंचाई में पानी सीधे पौधों की जड़ों तक नियंत्रित मात्रा में पहुंचाया जाता है, जिससे वाष्पीकरण, बहाव और अनावश्यक पानी की खपत कम होती है।

ऑर्बिया नेटाफिम में इनोवेशन एंड क्लाइमेट सॉल्यूशंस के निदेशक मैक्स मोल्दाव्स्की ने कहा, “अमेज़न के साथ यह सहयोग दिखाता है कि प्रिसिजन सिंचाई किसानों और समुदायों के लिए ठोस परिणाम दे सकती है। ड्रिप सिंचाई अपनाने से पानी के उपयोग की दक्षता बढ़ती है, किसानों की आजीविका मजबूत होती है और व्यापक जल सुरक्षा प्रयासों को समर्थन मिलता है। यह परियोजना जल संरक्षण और जलवायु-सहिष्णु कृषि के प्रति ऑर्बिया नेटाफिम की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।”

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