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फसल की खेती (Crop Cultivation)राज्य कृषि समाचार (State News)

सोयाबीन कृषकों को सलाह

01 अक्टूबर 2024, भोपाल: सोयाबीन कृषकों को सलाह –

  • जहाँ पर फसल परिपक्क हो चुकी है, लगातार बारिश से सोयाबीन की गुणवत्ता में कमी आ सकती है या फलियों के दाने अंकुरित होने की भी सम्भावना हो सकती हैं। अत: सलाह है कि उचित समय पर फसल की कटाई करें जिससे फलियों के चटकने से होने वाले नुकसान या फलियों के अंकुरित होने से बीज की गुणवत्ता में आने वाली कमी से बचा जा सके।
  • सोयाबीन की शीघ्र पकने वाली किस्मों में 90 प्रतिशत फलियों का रंग पीला पडऩे पर फसल की कटाई कर सकते हैं। इससे बीज के अंकुरण में विपरीत प्रभाव नहीं होता।
  • जिन क्षेत्रों में लगातार बारिश हो रही है, कृपया अपने खेत से अतिरिक्त जल की निकासी हेतु समुचित व्यवस्था करें एवं जलभराव की स्थिति से होने वाले नुकसान से फसल को बचाए।
  • बीजोत्पादन वाले खेत में फसल पर अनुशंसित फफूंदनाशक (पायरोक्लोस्ट्रीबीन 20 प्रतिशत डब्लूजी (375-500 ग्रा./हे.) या फ्लुक्सापग्रोक्साड 167 जी/एल + पायरोक्लोस्ट्रीबीन 333 जी/एल एससी (300 मिली/हे.) या पायरोक्लोस्ट्रोबीन + इपोक्कनोसीकोनाजोल 509 जी/एल एसई (750 मिली/हे.) या टेबूकोनाजोल 25.9 ईसी (625 मिली/हे.) या टेबूकोनाजोल 38.39 एससी (625 मिली/हे.) या टेबूकोनाझोल 10त्न+सल्फर 65त्न ङ्खत्र (1.25 किग्रा/हे.) या कार्बेन्डाजिम 42त्न+ मेन्कोजेब 63त्न डब्ल्यू.पी. (0.25 किग्रा/हे.) में से किसी एक फफूंदनाशक का छिड़काव करें। इसी छिड़काव से फफूंदजनित रोगों से भी सुरक्षा मिलेगी।
  • बीजोत्पादन वाले खेत में प्रोफेनोफॉस (1 लीटर/हे.) जैसे अनुशंसित कीटनाशक का छिड़काव करें इससे भण्डारगृह में नुकसान करने वाले कीट स्टिंक बग, आलमंड मोथ या पल्स बीटल जैसे कीटों से सुरक्षित किया जा सकेगा।
  • सोयाबीन की कटी हुयी फसल को धूप में सुखाने के पश्चात गहाई करें। तुरंत गहाई करना संभव नहीं होने की स्थिति में बारिश से बचाने हेतु फसल को सुरक्षित स्थान पर इक_ा करें।
  • आगामी वर्ष बीज के रूप में उपयोगी सोयाबीन की फसल की गहाई 350 से 400 आरपीएम पर करें जिससे बीज की गुणवत्ता पर विपरीत प्रभाव नहीं पड़े।
  • जहाँ फसल अभी दाने भरने की स्थिति में है, विशेषकर लम्बी अवधि की सोयाबीन किस्मों में फली छेदक इल्ली (पॉड बोरर) द्वारा होने वाले नुकसान को कम करने हेतु फसल पर इंडोक्साकार्ब 15.80त्न ईसी (333 मिली/हे.) या इमामेक्टिन बेंजोएट 01.90 (425 मि.ली./हे.) या ब्रोफ्लानिलाइड 300 जीएल एससी (42-62 ग्राम/हे.) या फ्लूबेंडियामाइड 39.35 एससी (50 मिली) या नोवाल्युरोन + इन्डोक्साकार्ब एससी 825-875 मिली/हे). में से किसी एक कीटनाशक का छिड़काव करें।
  • जहाँ फसल अभी दाने भरने की स्थिति में हैं, विशेषकर लम्बी अवधि की सोयाबीन किस्मों में तम्बाकू की इल्ली के नियंत्रण हेतु निम्न में से किसी भी एक रसायन का छिड़काव करें। इमामेक्टिन बेंजोएट 04.90 (425 मिली/हे.), ब्रोफ्लानिलाइड 300 जीएल एससी (42-62 ग्राम/हे.) या एसिटामिप्रिड 25त्न+बायफेंथ्रि 25त्न डब्ल्यूजी (250 ग्रा./हे.) या फ्लूबेंडियामाइड 20 डब्ल्यू.जी (250-300 ग्राम/हे.) या फ्लूबेंडियामाइड 39.35 एस.सी (450 मिली) या इंडोक्साकार्ब 45.8 एससी (333 मि.ली/हे.) या टेट्रानिलिप्रोल 8.48 एससी, (250-300 मिली/हे.) या स्पायनेटोरम 44.7 एससी (450 मिली/हे.) या नोवाल्युरोन + इन्डोक्साकार्ब 04.50 प्रतिशत एससी (825-875 मिली/हे.) का छिड़काव करें।

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