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राज्य कृषि समाचार (State News)

शहीद द्वीप के ‘चिंता आम’ को मिली अनोखी पहचान

25 मई 2024, पोर्ट ब्लेयर: शहीद द्वीप के ‘चिंता आम’ को मिली अनोखी पहचान – पोर्ट ब्लेयर, – आम का भारतीय कृषि और सांस्कृतिक महत्व अत्यधिक है। सदियों से, आम को ‘फलों का राजा’ कहा जाता है और इसका स्वाद और खुशबू हर किसी के दिल में एक खास जगह बनाते हैं। आम की विभिन्न किस्में हैं, और इनमें से प्रत्येक की अपनी विशेषताएँ होती हैं। इन किस्मों में एक नया नाम जुड़ गया है – ‘चिंता आम’।

‘चिंता आम’ की विशेषता है कि इसके कच्चे फलों की छाल का रंग बैंगनी होता है। इस किस्म की अन्य विशेषताएँ इसके बड़े फल, जिनका वजन 300-400 ग्राम होता है, तथा इसका मीठा और कम रेशेदार गूदा हैं। इस आम की औसत TSS 19.6°B मापी गई है। ‘चिंता आम’ की एक और विशेषता है कि इसमें बहुअंकुरित बीज होते हैं, जिससे इसकी शुद्धता बीज प्रजनन द्वारा बनाए रखी जा सकती है।

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के शहीद द्वीप के एक प्रगतिशील आम किसान श्री चिंताहरन बिस्वास ने शहीद द्वीप में 100 आम के पेड़ लगाए हैंl  आपने अपने नाम पर  ‘चिंता आम’ किसान किस्म को पंजीकृत करवाने का अद्वितीय काम भी   किया है। यह पंजीकरण ‘प्लांट वैराइटीज एंड फार्मर्स राइट्स अथॉरिटी’ (PPVFRA), नई दिल्ली के तहत हुआ है। यह आम की पहली किस्म है जिसे PPVFRA में पंजीकृत किया गया है। पंजीकरण का यह कार्य ICAR-केंद्रीय द्वीप कृषि अनुसंधान संस्थान (CIARI), पोर्ट ब्लेयर के सहयोग से  हुआ। डॉ. हिमांशु पाठक, सचिव (DARE) एवं महानिदेशक (ICAR) ने अपने हालिया पोर्ट ब्लेयर दौरे के दौरान श्री बिस्वास को प्रमाणपत्र प्रदान किया।

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ICAR-CIARI ने इस ‘चिंता आम’ किस्म के रूपात्मक और जैव रासायनिक लक्षणों का अध्ययन किया है, जिसमें इसके फल के गूदे में कैरोटेनॉइड्स, फ्लेवोनॉइड्स, एस्कॉर्बिक एसिड और एंटीऑक्सीडेंट गतिविधि की उच्च मात्रा पाई गई है। इस पंजीकरण प्रक्रिया को ICAR-CIARI के निदेशक, डॉ. एकनाथ बी. चकुरकर के निर्देशन में पूर्ण किया गया।’चिंता आम’ की पंजीकरण से न केवल श्री बिस्वास का सम्मान बढ़ा है, बल्कि यह अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बना है। यह पंजीकरण न केवल स्थानीय किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, बल्कि देश भर में आम के उत्पादन और संरक्षण को बढ़ावा देने में सहायक सिद्ध होगा।

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