पशुपालन (Animal Husbandry)

कारगिल ने भारत में डेयरी विकास पहल शुरू की, 8,000 किसानों को मिलेगा लाभ

02 जून 2026, मुंबई: कारगिल ने भारत में डेयरी विकास पहल शुरू की, 8,000 किसानों को मिलेगा लाभ – भारत के डेयरी क्षेत्र को मजबूत बनाने और ग्रामीण आजीविका में सुधार के उद्देश्य से कारगिल ने महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले में एकीकृत डेयरी विकास पहल (Integrated Dairy Development Initiative) की शुरुआत की है। यह दो वर्षीय कार्यक्रम सिंजेंटा फाउंडेशन इंडिया और डिजिटल ग्रीन इंडिया के सहयोग से संचालित किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य पशुधन स्वास्थ्य, डेयरी उत्पादकता और किसानों की आय में सुधार करना है, साथ ही यह पशुधन आधुनिकीकरण, डिजिटल कृषि और ग्रामीण विकास से जुड़ी सरकारी प्राथमिकताओं के अनुरूप है।

इस कार्यक्रम का शुभारंभ मुंबई के मंत्रालय में महाराष्ट्र सरकार की पशुसंवर्धन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री पंकजा मुंडे ने किया। कार्यक्रम में पशुसंवर्धन, डेयरी विकास एवं मत्स्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, परियोजना सहयोगी संस्थाएं और अहिल्यानगर के किसान भी शामिल हुए।

कारगिल अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) और स्थिरता पहलों के तहत अगले दो वर्षों में इस परियोजना पर 2.3 करोड़ रुपये से अधिकका निवेश करेगा। प्रारंभिक चरण में यह कार्यक्रम अहिल्यानगर जिले के 140 से अधिक गांवों में लागू किया जाएगा और इससे 8,000 से अधिक छोटे डेयरी किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

परियोजना के तहत राहुरी, राहाता और श्रीरामपुर क्षेत्रों के 26 गांवों में पशु आरोग्य मित्र मोबाइल वेटरिनरी वैन के माध्यम से 3,000 से अधिक किसानों को पशु स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इन मोबाइल वैन में आधुनिक जांच उपकरण, दवाइयां और वैक्सीन को सुरक्षित रखने के लिए कोल्ड-चेन सुविधाएं होंगी। इनके जरिए पशुओं का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, टीकाकरण, प्रजनन सेवाएं और निवारक उपचार किसानों के घर तक पहुंचाया जाएगा।

इसके साथ ही लगभग 5,000 किसानों को डिजिटल ग्रीन के फार्मरचैट (FarmerChat) प्लेटफॉर्म के माध्यम से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित सलाह उपलब्ध कराई जाएगी। यह स्थानीय भाषाओं में आवाज, टेक्स्ट और तस्वीर आधारित प्रश्नों का उत्तर देकर पशु स्वास्थ्य, पोषण, सरकारी योजनाओं और डेयरी प्रबंधन से जुड़ी जानकारी प्रदान करेगा। कार्यक्रम के तहत पशु सखियों और पैरा-वेट्स को मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा, जो गांव स्तर पर किसानों को पशुपालन, पशु पोषण, बछड़ों की देखभाल, स्वच्छता, प्रजनन और डेयरी प्रबंधन का प्रशिक्षण देंगे।

कार्यक्रम के शुभारंभ पर मंत्री पंकजा मुंडे ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और किसानों की आय बढ़ाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि पशुपालन और डेयरी ग्रामीण विकास के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं और इनके विकास में तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित मार्गदर्शन तथा सुलभ पशु चिकित्सा सेवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। उनके अनुसार यह पहल पशुधन क्षेत्र के आधुनिकीकरण, महिला सशक्तिकरण और टिकाऊ ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देगी।

कारगिल इंडिया के अध्यक्ष और कारगिल एनिमल न्यूट्रिशन एंड हेल्थ, इंडिया के वरिष्ठ प्रबंध निदेशक रविंदर बलैन ने कहा कि भारत का डेयरी क्षेत्र ग्रामीण आजीविका, खाद्य सुरक्षा और कृषि विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र कारगिल के लिए एक रणनीतिक बाजार है और कंपनी कई वर्षों से यहां पशु पोषण, पशु स्वास्थ्य, किसान प्रशिक्षण और पशु चिकित्सा सेवाओं के माध्यम से डेयरी किसानों के साथ काम कर रही है।

अहिल्यानगर जिले को इस कार्यक्रम के लिए इसलिए चुना गया क्योंकि यहां बड़ी संख्या में परिवार डेयरी और पशुपालन पर निर्भर हैं। हालांकि जिले में डेयरी गतिविधियां व्यापक हैं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में समय पर पशु चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता अब भी एक चुनौती बनी हुई है। यह पहल इन चुनौतियों को दूर करने के साथ-साथ डेयरी उत्पादकता बढ़ाने और किसानों की आय में सुधार करने का प्रयास करेगी।

कार्यक्रम के साझेदार महाराष्ट्र के पशुसंवर्धन विभाग, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और स्थानीय संस्थाओं के साथ मिलकर काम करेंगे ताकि राज्य की पशुधन विकास प्राथमिकताओं के अनुरूप सेवाएं प्रदान की जा सकें। परियोजना में डिजिटल तकनीक, प्रशिक्षण और अंतिम छोर तक सेवा वितरण को जोड़कर एक ऐसा मॉडल विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है जिसे भविष्य में अन्य जिलों और राज्यों में भी लागू किया जा सके।

कारगिल के अनुसार, यह पहल महाराष्ट्र में उसके लंबे समय से चल रहे डेयरी विकास प्रयासों का विस्तार है। कंपनी वर्तमान में राज्य के कई प्रमुख डेयरी जिलों में पशु पोषण, वैज्ञानिक डेयरी प्रबंधन, पशु स्वास्थ्य और किसान क्षमता निर्माण कार्यक्रमों के माध्यम से हजारों किसानों और पशुओं तक पहुंच बना रही है। इस नई पहल से डेयरी किसानों को बेहतर पशु स्वास्थ्य सेवाएं, आधुनिक तकनीकी सलाह और आय बढ़ाने के नए अवसर मिलने की उम्मीद है।

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