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राज्य कृषि समाचार (State News)

सोयाबीन कृषकों के लिए उपयोगी सलाह (11 से 17 जुलाई)

11 जुलाई 2022, इंदौर: सोयाबीन कृषकों के लिए उपयोगी सलाह (11 से 17 जुलाई) – भारतीय सोयाबीन अनुसन्धान, संस्थान, इंदौर ने 11 से 17 जुलाई की अवधि के लिए सोयाबीन कृषकों के लिए उपयोगी सलाह दी है।  

(अ ) उत्पादन की दृष्टि से सोयाबीन की बोवनी हेतु जुलाई माह के प्रथम सप्ताह तक का समय सबसे उपयुक्त होता है। जिन्होंने अभी तक बोवनी नहीं की हैं, उन्हें यह सलाह है कि  सोयाबीन के अतिरिक्त आपके क्षेत्र के लिए अनुकूल कोई अन्य फसल लगाएं।

(ब) सोयाबीन की खेती किए जाने वाले क्षेत्रों में इस वर्ष बोवनी की तिथियों  में भिन्नता देखी गई है। कुछ क्षेत्रों में सोयाबीन की फसल 20-25 दिन, कुछ क्षेत्रों में 10-15 दिन की हुई है, जबकि  कुछेक क्षेत्रों में इसकी बोवनी पिछले सप्ताह ही संपन्न हुई है । अतः उक्त परिस्थिति में सोयाबीन कृषकों के लिए  निम्न कृषि कार्य अपनाने की सलाह है -.

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1 – सोयाबीन में खरपतवार नियंत्रण के लिए वरीयता अनुसार हाथ से निंदाई /डोरा/कुलपा/खड़ी फसल में उपयोगी रासायनिक खरपतवारनाशक में से किसी एक विधि का प्रयोग करें। सोयाबीन फसल के लिए अनुशंसित खरपतवारनाशकों की सूची के लिए तालिका – 1 देखे।

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2 – जिन कृषकों ने बोवनी पूर्व या बोवनी के तुरंत बाद उपयोगी खरपतवारनाशक का छिड़काव किया है ,वे 30-20 दिन की फसल होने पर डोरा/कुलपा चलाएं।

3 – बोवनी की तिथियों में भिन्नता होने से कीटों का प्रकोप भी अधिक समय तक रहने की आशंका है, अतः सुरक्षात्मक रूप से कीटनाशकों का छिड़काव करें। सलाह है कि पत्ती खाने वाले कीटों से सुरक्षा हेतु फूल आने से पहले ही सोयाबीन फसल में क्लोरइंट्रानिलिप्रोल 18.5 एस.सी. (150 मिली /हे) का छिड़काव करें। इससे अगले 30 दिनों तक पर्ण भक्षी कीटों से सुरक्षा मिलेगी।

4 –  जिन्होंने बोवनी पूर्व या बोवनी के तुरंत बाद उपयोगी खरपतवारनाशकों का अभी तक प्रयोग नहीं किया है, सलाह है कि अनुशंसित कीटनाशकों के साथ संगतता पाए जाने वाले वाले निम्न  खरपतवारनाशक एवं कीटनाशकों में से किसी एक को मिलाकर छिड़काव करें।-
(1) कीटनाशक: क्लोरइंट्रानिलिप्रोल 18.5 एस.सी. (150 मि ली/हे) या क्विनालल्फोस 25 ई.सी (1 ली/हे) या इन्डोक्साकर्ब 15.8 एस.सी (333 मि .ली./हे)।
(2) खरपतवारनाशक: इमाज़ेथापायर 10 एस.एल (1 ली/हे) या क्विजालोफोप इथाइल 5 ई.सी (1 ली/हे)।

5 – कुछ क्षेत्रों में सोयाबीन फसल में तना मक्खी का प्रकोप होने के लक्षण देखे गए हैं। इसके नियंत्रण  हेतु सलाह है कि थायोमिथोक्सम 12.60%+लैम्ब्डा सायहेलोथ्रिन 09.50% जेड.सी. (125 मि ली./हे.) का छिड़काव करें।

नोट :सोयाबीन की फसल में अनुशंसित खरपतवारनाशकों की सूची संलग्न है।

सोयाबीन कृषकों के लिए उपयोगी सलाह (11 से 17 जुलाई)

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