राज्य कृषि समाचार (State News)

सीहोर: किसानों को कृषि की उन्नत तकनीकें अपनाने पर अधिक मुनाफा

15 सितंबर 2026, सीहोरसीहोर: किसानों को कृषि की उन्नत तकनीकें अपनाने पर अधिक मुनाफा – किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए कृषि की उन्नत तकनीकों को अपनाने, फसल विविधीकरण और खेती के साथ पशुपालन, डेयरी व मत्स्य पालन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है। सीहोर जिले के कृषि उत्पादन आयुक्त ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और किसानों के खेतों तक पहुंचकर उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

सोयाबीन और अरहर का बढ़ सकता है रकबा

इस वर्ष धान के क्षेत्र में कमी तथा सोयाबीन और अरहर के क्षेत्र में वृद्धि की संभावना है। किसानों को फसल विविधीकरण के लिए प्रेरित करने के साथ उन्नत किस्मों के बीजों का उपयोग करने की सलाह दी गई है। कृषि उत्पादन आयुक्त ने किसानों को गेहूं की उन्नत और बायोफोर्टिफाइड किस्मों की बुआई के लिए प्रेरित करने को कहा। बायोफोर्टिफाइड गेहूं के बीज में आयरन और जिंक की मात्रा होती है, जो स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है। किसानों को एचआई 1650, एचआई 1636, एचआई 1633 और एचआई 1655 किस्मों की बुआई के लिए प्रेरित किया जाए। वहीं पूसा अरहर 16 को भी अच्छी फसल और अधिक उत्पादन वाली किस्म बताया गया है।

पाइप सिंचाई और मृदा परीक्षण पर जोर

किसानों को प्रेशराइज्ड पाइप प्रणाली से सिंचाई के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए गए हैं। खेत में पाइपलाइन डालने पर सरकार की ओर से अनुदान भी दिया जाता है। सभी जिलों में संचालित मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं के माध्यम से अधिक से अधिक किसानों के खेतों की मिट्टी की जांच कराने पर भी जोर दिया गया है। इसके अलावा कस्टम हायरिंग केंद्रों के माध्यम से किसानों को उन्नत कृषि यंत्र और उपकरण उपलब्ध कराने की बात कही गई है।

DAP की जगह NPK इस्तेमाल करने की सलाह

किसानों को डीएपी के स्थान पर एनपीके उर्वरक इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। एनपीके में फसलों के लिए उपयोगी पोषक तत्व होते हैं। उर्वरक वितरण के लिए डबल लॉक केंद्रों के आधुनिकीकरण पर भी जोर दिया गया है, ताकि किसानों को लंबी लाइन में खड़ा न होना पड़े और उनके बैठने की उचित व्यवस्था हो।

नरवाई नहीं जलाने की अपील

किसानों को समझाया जा रहा है कि नरवाई जलाना खेत के लिए अत्यंत हानिकारक है। इसके बजाय हैप्पी सीडर और सुपर सीडर से बुआई करने की सलाह दी गई है। इससे खेत को नुकसान नहीं होता और पोषक तत्व भी बने रहते हैं। जिन किसानों ने हैप्पी सीडर से बुआई की है, उन्हें बेहतर परिणाम मिलने की बात कही गई है।

ई-मंडी और फार्म गेट एप से घर बैठे बेच सकेंगे फसल

किसानों को अपनी फसल बेचने में मंडियों में कम से कम समय लगे, इसके लिए ई-मंडी को बढ़ावा दिया जा रहा है। मंडियों को हाईटेक बनाने की दिशा में भी कार्यवाही की जानी है। इसके अलावा सरकार ने फार्म गेट एप शुरू किया है, जिस पर किसान पंजीयन कराकर घर बैठे अपनी फसल बेच सकते हैं।

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture