राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

महाराष्ट्र में कम बारिश से फसलें खराब, किसानों को राहत के लिए होगा तत्काल सर्वे; मिलेगा मुआवजा

13 सितंबर 2026, नई दिल्ली: महाराष्ट्र में कम बारिश से फसलें खराब, किसानों को राहत के लिए होगा तत्काल सर्वे; मिलेगा मुआवजा – महाराष्ट्र के जिन इलाकों में कम बारिश के कारण फसलों को नुकसान हुआ है, वहां किसानों को राहत देने के लिए सरकार तत्काल सर्वे कराएगी। राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने गुरुवार को नागपुर में इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि फसल नुकसान का आकलन पूरा होने के बाद प्रभावित किसानों को सरकारी नियमों के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा।

बावनकुले ने बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में मुख्य सचिव और प्रशासन को कम बारिश से फसल प्रभावित क्षेत्रों का तुरंत सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं। यह सर्वे राजस्व, कृषि और ग्रामीण विकास विभाग मिलकर करेंगे।

मराठवाड़ा में कम बारिश से बढ़ी किसानों की चिंता

राजस्व मंत्री ने कहा कि सर्वे में उन क्षेत्रों को शामिल किया जाएगा, जहां पर्याप्त बारिश नहीं होने की वजह से फसलें सूख गई हैं। नुकसान का आकलन तय नियमों और मानकों के आधार पर किया जाएगा। इसके बाद उसी के अनुसार प्रभावित किसानों को सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

महाराष्ट्र के कई हिस्सों में इस मानसून सीजन में बारिश की कमी बनी हुई है। खासतौर पर आठ जिलों वाले मराठवाड़ा क्षेत्र में कम बारिश और लगातार बने सूखे जैसे हालात से किसानों की परेशानी बढ़ी है।

शक्तिपीठ हाईवे की लागत पर भी दिया जवाब

शक्तिपीठ हाईवे की अनुमानित लागत को लेकर NCP (SP) विधायक रोहित पवार की ओर से लगाए गए आरोपों पर चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि नेशनल हाईवे का निर्माण सिर्फ सड़क बनाने तक सीमित नहीं होता। इसमें जमीन की शुरुआती तैयारी, मिट्टी, मुरुम और अन्य जरूरी काम भी शामिल होते हैं। इसलिए अलग-अलग सड़कों के मानकों और निर्माण की प्रकृति के आधार पर लागत का अनुमान अलग हो सकता है।

उन्होंने कहा कि शक्तिपीठ हाईवे का निर्माण आधार स्तर से नए सिरे से किया जाएगा। बावनकुले के अनुसार मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने यह सुनिश्चित किया है कि परियोजना का अनुमान और प्रजेंटेशन तैयार करते समय जनता के पैसे की बर्बादी न हो। राजस्व मंत्री ने कहा कि शक्तिपीठ हाईवे परियोजना में किसी तरह का भ्रष्टाचार नहीं होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह की गड़बड़ियों को सरकार किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं करेगी।

अमरावती अस्पताल अग्निकांड की जांच जारी

अमरावती के एक अस्पताल में पिछले महीने हुई आग की घटना को लेकर बावनकुले ने कहा कि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। सरकार की ओर से गठित 10 सदस्यीय समिति अपनी जांच रिपोर्ट सौंप चुकी है। इसके बाद प्रारंभिक जांच के आधार पर कुछ लोगों को निलंबित किया गया है।

उन्होंने कहा कि मामला यहीं खत्म नहीं होगा। घटना की विस्तृत जांच की जा रही है, ताकि इसके मूल कारणों का पता लगाया जा सके। बावनकुले ने कहा कि समिति की सिफारिशों को महाराष्ट्र के अस्पतालों में प्रभावी तरीके से लागू किया जाना चाहिए, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

नवजात केंद्रों को आधुनिक बनाने की योजना

मंत्री ने बताया कि सरकार नवजात शिशु केंद्रों को आधुनिक बनाने और उनकी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की योजना पर भी काम कर रही है। उन्होंने कहा कि अस्पतालों के बुनियादी ढांचे को बेहतर करना इस दिशा में महत्वपूर्ण है। 24 अगस्त को अमरावती के जिला महिला अस्पताल की नवजात गहन चिकित्सा इकाई (NICU) में आग लग गई थी। इस हादसे में तीन नवजात बच्चों की मौत हो गई थी, जबकि 36 अन्य नवजातों को सुरक्षित बाहर निकाला गया था। राज्य सरकार ने बुधवार को इस मामले में चार अधिकारियों और एक तकनीशियन को निलंबित करने का आदेश दिया था।

सरकारी जमीन पर अतिक्रमण से जुड़े सवाल पर बावनकुले ने कहा कि सरकार ऐसे ठोस उपायों पर विचार कर रही है, जिनसे भविष्य में सरकारी जमीन पर कब्जा करने या उसका गलत इस्तेमाल करने की स्थिति को रोका जा सके।

मराठवाड़ा में जाति प्रमाणपत्र के लिए शिविर

मराठा आवेदकों को कुनबी जाति प्रमाणपत्र जारी किए जाने को लेकर चल रहे विवाद पर राजस्व मंत्री ने कहा कि मराठवाड़ा में प्रमाणपत्र वितरण के लिए लगाए जा रहे शिविर सरकार की नीति का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के शिविर पहले भी आयोजित किए जाते रहे हैं। नियमों के अनुसार जाति प्रमाणपत्र वितरित करने के लिए शिविर लगाए जा रहे हैं।   

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