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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

नकली बीजों पर लगेगी रोक, नए सीड बिल पर शिवराज ने किसान संगठनों से की चर्चा

11 सितंबर 2026, नई दिल्ली: नकली बीजों पर लगेगी रोक, नए सीड बिल पर शिवराज ने किसान संगठनों से की चर्चा – केंद्र सरकार किसानों को नकली और घटिया बीजों से राहत दिलाने के लिए नया सीड बिल लाने की तैयारी कर रही है। इसी सिलसिले में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कृषि भवन, नई दिल्ली में देशभर के किसान संगठनों के शीर्ष नेताओं के साथ प्रस्तावित सीड बिल पर व्यापक चर्चा की। बैठक में लगभग सभी राज्यों के किसान प्रतिनिधि शामिल हुए। इस दौरान प्रस्तावित कानून के अलग-अलग पहलुओं पर चर्चा हुई और किसान संगठनों ने अपने सुझाव रखे। शिवराज सिंह चौहान ने किसान प्रतिनिधियों के जमीनी अनुभवों और सुझावों को ध्यान से सुना और कहा कि इन पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। बैठक में केंद्रीय कृषि सचिव अतीश चंद्रा सहित वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

1966 का बीज कानून अब समय के अनुकूल नहीं

बैठक में शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मौजूदा बीज अधिनियम 1966 में बनाया गया था, जबकि बीज नियंत्रण आदेश 1983 में लागू हुआ था। समय के साथ कृषि क्षेत्र में कई बदलाव हुए हैं और मौजूदा व्यवस्था में कुछ समस्याएं सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि खराब बीज के लिए जिम्मेदारी तय करने की व्यवस्था प्रभावी नहीं है, जिसके कारण नकली या खराब बीज बाजार में पहुंच जाते हैं। उन्होंने बताया कि विकसित कृषि संकल्प अभियान के दौरान भी किसानों की ओर से नया सीड एक्ट लाने की मांग और सुझाव मिले थे। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सीड एक्ट और पेस्टिसाइड एक्ट 1966 में बने थे और परिस्थितियां अब काफी बदल चुकी हैं। इसलिए नए सीड एक्ट और पेस्टिसाइड एक्ट की जरूरत महसूस की जा रही है।

18 हजार सुझावों पर भी हुआ अध्ययन

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि नवंबर-दिसंबर 2025 में प्रस्तावित बीज बिल पर सार्वजनिक सुझाव मांगे गए थे। इस दौरान किसानों और किसान संगठनों की ओर से करीब 18 हजार सुझाव मिले थे। इन सुझावों का अध्ययन किया गया। उन्होंने कहा कि प्रत्यक्ष रूप से किसानों के बीच काम करने वाले किसान संगठनों के साथ चर्चा करना जरूरी है, क्योंकि वे किसानों की समस्याओं से अच्छी तरह परिचित हैं। बैठक में करीब 20 किसान संगठनों ने अपने सुझाव दिए हैं और सुझाव लेने की प्रक्रिया अभी जारी रहेगी।  शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसी भी किसान या किसान संगठन की ओर से आने वाले सुझावों का स्वागत किया जाएगा। सभी सुझावों पर पूरी गंभीरता और गहराई से विचार करने के बाद ही कानून को लेकर आगे कदम उठाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल इस प्रक्रिया के लिए कोई समय सीमा तय नहीं की गई है।

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70% बीज मौजूदा कानून के दायरे से बाहर

बैठक में शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि वर्तमान में करीब 70 प्रतिशत बीज मौजूदा बीज अधिनियम के दायरे से बाहर हैं। बीजों की व्यवस्था अलग-अलग है और राज्यों में भी अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। इसके अलावा सजा के मौजूदा प्रावधान भी ज्यादा प्रभावी नहीं हैं। उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों को देखते हुए नए सीड बिल की जरूरत है। सरकार ऐसा कानून लाना चाहती है जो ज्यादा कड़ा और प्रभावी हो और नकली बीजों पर रोक लगाने में मदद करे। उन्होंने कहा कि अलग-अलग तरह के सुझाव और राय सामने आई हैं, इसलिए इस मामले में जल्दबाजी में कोई कदम नहीं उठाया जाएगा।

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किसानों के अधिकार और पारंपरिक बीज रहेंगे सुरक्षित

शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित कानून से किसानों के अधिकार प्रभावित नहीं होंगे। किसान अपने पारंपरिक और कृषक किस्मों के बीजों का इस्तेमाल, आपस में आदान-प्रदान और विक्रय कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि पारंपरिक बीजों के लिए पंजीकरण अनिवार्य नहीं होगा। यदि कोई किसान अपनी किस्म का पंजीकरण कराना चाहता है तो उसके लिए स्वैच्छिक पंजीकरण की सुविधा होगी। केंद्रीय मंत्री के मुताबिक किसान अपने उपयोग के लिए, गांव में बांटने के लिए या किसी कंपनी के लिए बीज का उत्पादन करता है तो उसे डिजिटल पंजीकरण कराने की आवश्यकता नहीं होगी। प्रस्तावित सीड बिल में अपराधों को तीन श्रेणियों में बांटने की बात कही गई है। छोटी चूक के मामले में पहली बार चेतावनी और दूसरी बार अधिक जुर्माने का प्रावधान प्रस्तावित है।

किसान संगठनों के सुझावों पर होगा गंभीरता से विचार

बैठक में देशभर से आए किसान संगठनों के नेताओं ने प्रस्तावित सीड बिल को लेकर कई सुझाव दिए। शिवराज सिंह चौहान ने सभी किसान प्रतिनिधियों का आभार जताते हुए कहा कि उनके अनुभव और सुझाव महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि किसान संगठनों की ओर से दिए गए सभी सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और जिन सुझावों को लागू किया जा सकता है, उन्हें अंतिम मसौदे में शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कानून किसानों के हितों को केंद्र में रखकर तैयार किया जा रहा है और इसमें किसी तरह की कमी नहीं रहने दी जाएगी।

अन्य स्टेकहोल्डर्स से भी जारी रहेगी चर्चा

किसानों के अलावा अन्य स्टेकहोल्डर्स के साथ चर्चा को लेकर शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सभी संबंधित पक्षों से बातचीत की जा रही है। उन्होंने कहा कि खेती का आधार किसान है और किसानों को इस प्रक्रिया में प्रमुखता दी जा रही है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समृद्ध और आत्मनिर्भर किसान के विजन को आगे बढ़ाते हुए यह कानून तैयार किया जा रहा है। सरकार हर नीति किसानों से संवाद और सहमति के आधार पर तय करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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