भारत ने तीन देशों के साथ बढ़ाया कृषि सहयोग, रिसर्च से लेकर व्यापार और तकनीकी मदद पर हुई बात
11 सितंबर 2026, नई दिल्ली: भारत ने तीन देशों के साथ बढ़ाया कृषि सहयोग, रिसर्च से लेकर व्यापार और तकनीकी मदद पर हुई बात – केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 9 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में मलेशिया, तिमोर-लेस्ते और म्यांमार के कृषि से जुड़े मंत्रियों के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें कीं। ये बैठकें कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग (DARE) और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) की ओर से 8-9 सितंबर 2026 को आयोजित 9वीं आसियान-भारत कृषि एवं वानिकी मंत्रिस्तरीय बैठक (9वीं AIMMAF) के दौरान हुईं। बैठकों में कृषि अनुसंधान, तकनीक, विशेषज्ञों के आदान-प्रदान, बाजार पहुंच और कृषि व्यापार को बढ़ाने पर चर्चा हुई।
मलेशिया के साथ संयुक्त कृषि अनुसंधान पर जोर
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मलेशिया के कृषि एवं खाद्य सुरक्षा मंत्री मोहम्मद बिन साबू के बीच हुई बैठक में दोनों पक्षों ने कृषि क्षेत्र में ज्ञान, विशेषज्ञता और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को साझा करने के महत्व पर जोर दिया। दोनों मंत्रियों ने कृषि और आपसी हित से जुड़े क्षेत्रों में सहयोग को संस्थागत रूप देने के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) के माध्यम से संयुक्त कृषि अनुसंधान, प्रौद्योगिकी और नवाचार में सहयोग मजबूत करने में रुचि दिखाई।
बैठक में दोनों पक्षों ने कृषि एवं इससे जुड़े मुद्दों पर करीबी और मजबूत साझेदारी को आगे बढ़ाने की बात कही। इसके लिए रोगाणु प्लाज्मा के आदान-प्रदान, व्यापार और बाजार पहुंच से जुड़े द्विपक्षीय मुद्दों को आपसी सहयोग से सुलझाने पर भी चर्चा हुई।
तिमोर-लेस्ते की कृषि क्षमता बढ़ाने में सहयोग करेगा भारत
भारत और तिमोर-लेस्ते के बीच हुई बैठक में तिमोर-लेस्ते के कृषि, पशुधन, मत्स्य पालन एवं वानिकी मंत्रालय के मंत्री मार्कोस दा क्रूज़ ने कृषि क्षेत्र की चुनौतियों से निपटने और देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दोनों देशों के बीच मजबूत संस्थागत तंत्र विकसित करने में रुचि दिखाई। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भारत तिमोर-लेस्ते की कृषि अनुसंधान और नवाचार क्षमताओं को मजबूत करने में सहयोग करेगा। इसके लिए वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों के आदान-प्रदान के साथ मानव संसाधन विकास के माध्यम से भारत की सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को साझा करने की प्रतिबद्धता जताई गई।
तिमोर-लेस्ते के मंत्री ने बताया कि उनका देश कृषि, वानिकी, पशुधन और मत्स्य पालन के क्षेत्रों में जमीनी स्तर की चुनौतियों का आकलन करने और तकनीकी सिफारिशें देने के लिए तकनीकी एवं वैज्ञानिक विशेषज्ञों की एक टीम को तिमोर-लेस्ते भेजने की संभावना पर विचार कर रहा है।
म्यांमार के साथ कृषि व्यापार बढ़ाने पर चर्चा
भारत और म्यांमार के बीच बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने म्यांमार के कृषि, पशुधन एवं सिंचाई मंत्रालय के केंद्रीय मंत्री मिन नौंग का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि भारत और म्यांमार के बीच लंबे समय से मजबूत सांस्कृतिक और जनसंपर्क संबंध रहे हैं। शिवराज सिंह चौहान ने म्यांमार को भारत का करीबी साझेदार बताते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच करीब 1,600 किलोमीटर लंबी सीमा साझा होती है। उन्होंने बताया कि कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में सहयोग मजबूत करने के लिए दोनों देशों के बीच MoU को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया उन्नत चरण में है।
दोनों पक्षों ने कृषि क्षेत्र में व्यापार की संभावनाओं पर भी चर्चा की। इस दौरान दालें, कपास, डेयरी विकास और कृषि शिक्षा जैसे क्षेत्रों में व्यापार और सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर विचार किया गया। दोनों पक्षों ने माना कि आपसी रूप से पहचाने गए क्षेत्रों में मजबूत साझेदारी से कृषि संबंधी वस्तुओं के व्यापार को बढ़ाने में मदद मिल सकती है। म्यांमार की ओर से दोनों देशों के आर्थिक और कृषि संबंधों को मजबूत करने के लिए देश में निवेश के अनुकूल अवसर उपलब्ध कराने का सुझाव भी दिया गया।
अधिकारियों की मौजूदगी में हुई बैठकें
इन बैठकों के दौरान भारतीय पक्ष की ओर से DARE के सचिव और ICAR के महानिदेशक डॉ. एमएल जाट, DARE के अपर सचिव और ICAR के महानिदेशक ज्ञानेंद्र देव त्रिपाठी, DAFHW के संयुक्त सचिव (स्वतंत्र प्रभार) ए.के. साहू तथा ICAR के सभी उप-महानिदेशक मौजूद रहे। वहीं, अंतरराष्ट्रीय संबंध टीम का नेतृत्व ICAR के अपर महानिदेशक (IR) डॉ. नवीन पी. सिंह ने किया।
इन तीनों बैठकों के जरिए भारत ने कृषि अनुसंधान और तकनीकी सहयोग से लेकर व्यापार, बाजार पहुंच, विशेषज्ञों के आदान-प्रदान और संस्थागत साझेदारी तक विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
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