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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

नई दिल्ली में 9वीं आसियान-भारत कृषि मंत्रिस्तरीय बैठक, खाद्य सुरक्षा पर नई कार्ययोजना तय

13 सितंबर 2026, नई दिल्ली: नई दिल्ली में 9वीं आसियान-भारत कृषि मंत्रिस्तरीय बैठक, खाद्य सुरक्षा पर नई कार्ययोजना तय – भारत और दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के संगठन आसियान के बीच कृषि क्षेत्र में सहयोग का दायरा अगले पांच साल के लिए और बड़ा होने जा रहा है। मंगलवार को नई दिल्ली में हुई 9वीं आसियान-भारत कृषि एवं वानिकी मंत्रिस्तरीय बैठक में खाद्य सुरक्षा, टिकाऊ खेती और मजबूत आपूर्ति श्रृंखला को लेकर एक साझा कार्ययोजना पर सहमति बनी है। इस बैठक की सह-अध्यक्षता भारत के केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और आसियान की ओर से फिलीपींस के कृषि सचिव फ्रांसिस्को पी. तिऊ लॉरेल ने की।

यह मंत्रिस्तरीय बैठक हर दो साल में होती है और इसका मकसद भारत तथा दक्षिण-पूर्व एशिया के दस देशों के बीच खेती, वानिकी और खाद्य सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर साझा रणनीति बनाना है। इस बार की बैठक ऐसे समय हुई है जब दुनिया भर में मौसम की अनिश्चितता और आपूर्ति शृंखला में रुकावटों को लेकर चिंता बनी हुई है, इसलिए क्षेत्रीय स्तर पर तालमेल बढ़ाने पर खास जोर दिया गया।

बैठक में तय हुआ कि दोनों पक्ष उर्वरक, बीज और कीटनाशकों की आपूर्ति के स्रोत बढ़ाएंगे, ताकि किसी एक देश या क्षेत्र पर निर्भरता कम हो और आपूर्ति में रुकावट का असर किसानों तक न पहुंचे। इसके साथ ही क्षेत्रीय स्तर पर फसल और बाजार निगरानी व्यवस्था को भी मजबूत करने पर सहमति बनी, जिससे कीमतों में अचानक उतार-चढ़ाव और खाद्यान्न की कमी जैसी स्थितियों का पहले ही अंदाजा लगाया जा सके।

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2026-2030 की नई सहयोग योजना

बैठक में आसियान-भारत कृषि सहयोग की अगले पांच साल (2026-2030) की योजना को भी मंजूरी दी गई। यह योजना चार मुख्य क्षेत्रों पर केंद्रित है: नीतिगत संवाद व व्यापार, डिजिटल तकनीक आधारित नवाचार, क्षमता निर्माण और मानव संसाधन विकास। इन चारों क्षेत्रों में मिलकर काम करने से दोनों पक्षों के कृषि वैज्ञानिकों और नीति-निर्माताओं के बीच सीधा संवाद आसान होगा।

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इसी कड़ी में आसियान-भारत फेलोशिप के तहत अगले पांच साल में आसियान देशों के छात्रों को कृषि और संबंधित विषयों में 50 मास्टर्स स्कॉलरशिप दी जाएंगी। इससे क्षेत्रीय स्तर पर कृषि अनुसंधान और तकनीकी आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। डिजिटल नवाचार वाले हिस्से में कृषि से जुड़े मोबाइल एप, बाजार सूचना प्रणाली और मौसम-आधारित सलाह जैसी तकनीकों को साझा करने पर भी बातचीत हुई। बैठक के अंत में तय हुआ कि अगली मंत्रिस्तरीय बैठक 2028 में आयोजित होगी।

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