राजस्थान: संरक्षित खेती से किसान होंगे मालामाल, सरकार दे रही 70% तक अनुदान
26 मई 2026, जयपुर: राजस्थान: संरक्षित खेती से किसान होंगे मालामाल, सरकार दे रही 70% तक अनुदान – बदलते मौसम, जलवायु परिवर्तन और तापमान में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव के बीच किसानों के लिए “संरक्षित खेती” (प्रोटेक्टेड कल्टीवेशन) एक आधुनिक और लाभकारी विकल्प बनकर उभर रही है। ग्रीन हाउस और शेडनेट हाउस जैसी आधुनिक तकनीकों के जरिए किसान नियंत्रित वातावरण में उच्च मूल्य वाली फसलों की खेती कर बेहतर उत्पादन और अधिक आय प्राप्त कर रहे हैं। किसानों को इस तकनीक से जोड़ने के लिए राजस्थान सरकार भी विशेष प्रोत्साहन दे रही है और 70 प्रतिशत तक अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है।
नियंत्रित वातावरण में होती है खेती
संरक्षित खेती का मुख्य उद्देश्य तापमान, आर्द्रता और सूर्य के प्रकाश जैसे कृषि जलवायु कारकों को नियंत्रित कर फसलों को अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना है। इससे किसान बेमौसमी खेती कर सकते हैं और बाजार में अपनी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त कर सकते हैं।
विशेष रूप से टमाटर, शिमला मिर्च, खीरा, गुलाब, जरबेरा और स्ट्रॉबेरी जैसी उद्यानिकी फसलें ग्रीन हाउस एवं शेडनेट हाउस में सफलतापूर्वक उगाई जा रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार इस तकनीक से कम पानी में अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है और फसलों की गुणवत्ता भी बेहतर रहती है।
किसानों को मिलेगा 70% तक अनुदान
राज्य सरकार द्वारा संरक्षित खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को अनुदान दिया जा रहा है। निर्धारित इकाई लागत अथवा विभाग द्वारा अनुमोदित फर्म की दरों में से जो भी कम होगी, उसके आधार पर अधिकतम 2500 वर्गमीटर क्षेत्र तक सहायता प्रदान की जाएगी।
योजना के तहत सामान्य वर्ग के किसानों को 50 प्रतिशत तक अनुदान मिलेगा, जबकि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा लघु एवं सीमांत किसानों को 70 प्रतिशत तक सब्सिडी उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे अधिक से अधिक किसान आधुनिक तकनीक आधारित खेती अपनाने के लिए प्रेरित होंगे।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
योजना का लाभ लेने के लिए किसान के पास कृषि योग्य भूमि और सिंचाई स्रोत होना अनिवार्य है। आवेदन के समय किसानों को भूस्वामित्व प्रमाण-पत्र, नक्शा ट्रेस, मिट्टी एवं पानी की जांच रिपोर्ट, निर्माण लागत से संबंधित एम्पेनल फर्म का कोटेशन अथवा इनवॉइस जमा करना होगा।
इसके अलावा जरूरत के अनुसार जाति प्रमाण-पत्र तथा लघु एवं सीमांत किसान प्रमाण-पत्र भी प्रस्तुत करने होंगे।
ऑनलाइन कर सकते हैं आवेदन
योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी रखी गई है। किसान अपने नजदीकी ई-मित्र केंद्र पर जाकर या स्वयं “राज किसान साथी पोर्टल” के माध्यम से जनआधार संख्या से आवेदन कर सकते हैं।
प्राप्त आवेदनों में “पहले आओ-पहले पाओ” और लॉटरी प्रणाली के आधार पर पात्र किसानों का चयन किया जाएगा।
आधुनिक खेती की ओर बढ़ रहे युवा किसान
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार संरक्षित खेती न केवल किसानों की आय बढ़ाने में सहायक है, बल्कि कीट एवं रोग नियंत्रण, गुणवत्तापूर्ण उत्पादन और कम पानी में बेहतर खेती के लिए भी बेहद प्रभावी साबित हो रही है। यही वजह है कि अब युवा किसान भी आधुनिक तकनीक आधारित खेती की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में ग्रीन हाउस और शेडनेट हाउस जैसी तकनीकें कृषि को अधिक लाभकारी, टिकाऊ और बाजार उन्मुख बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। यदि किसान वैज्ञानिक तरीके से संरक्षित खेती अपनाते हैं, तो कम क्षेत्र में भी अधिक उत्पादन लेकर बेहतर मुनाफा कमा सकते हैं।
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