इंदौर संभाग के 6 जिलों एवं रतलाम जिले में कई जगह बारिश की संभावना
31 जुलाई 2026, इंदौर: इंदौर संभाग के 6 जिलों एवं रतलाम जिले में कई जगह बारिश की संभावना – मौसम केंद्र , भोपाल से मिली जानकारी के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान मध्यप्रदेश के इंदौर, नर्मदा पुरम, उज्जैन संभागों के जिलों में अधिकांश स्थानों पर भोपाल, ग्वालियर , रीवा, जबलपुर, शहडोल संभागों के जिलों में अनेक स्थानों पर; चंबल, सागर संभागों के जिलों में कुछ स्थानों पर वर्षा दर्ज़ की गई । 1 जून से 31 जुलाई तक दीर्घावधि औसत से मध्यप्रदेश में -13 % कम वर्षा हुई। पूर्वी मप्र में औसत से -15 % कम और पश्चिमी मप्र में औसत से -11 % कम वर्षा हुई है।
वर्षा के प्रमुख आंकड़ें – अति भारी वर्षा – गोगावां 190.0, बुरहानपुर 176.0, भीमपुर 165.0, वरला 161.0, उदयगढ़ 132.2, खकनार 130.0 और खंडवा में 128.0 मिमी दर्ज़ की गई , जबकि भारी वर्षा चाचरिया पाटी 113.0, बड़वाह 111.0, सेगांव 108.0, खरगोन 106.0, ठीकरी 105.2, राणापुर 101.0, पंधाना 95.0, भगवानपुरा 88.0, झाबुआ 87.8, सेंधवा 87.0, भीकनगांव 87.0, बदनावर 85.1, झिरन्या 82.0, रामा 80.1, हरसूद 80.0, गंधवानी 78.0, रतलाम 78.0, निवाली 77.4, सनावद 76.0, राजपुर 74.0, आली राजपुर 72.4, धरमपुरी टप्पा 69.0, भावगढ़ 67.0 और नेपानगर में 65.0 मिमी दर्ज़ की गई।
मौसमी परिस्थितियां – पूर्वी विदर्भ एवं उससे सटे पश्चिम-मध्य छत्तीसगढ़ के ऊपर स्थित अवदाब पिछले 6 घंटों में लगभग 15 किमी प्रति घंटा की गति से पश्चिम-उत्तर- पश्चिम दिशा में बढ़ा और आज 31 जुलाई 2026 को प्रातः 0830 बजे (IST) पश्चिमी विदर्भ एवं उससे सटे दक्षिण मध्य प्रदेश के ऊपर केन्द्रित था। यह अमरावती (महाराष्ट्र) से लगभग 50 किमी पूर्व-उत्तर पूर्व, वर्धा (महाराष्ट्र) से 60 किमी उत्तर-पश्चिम, बैतूल (मध्य प्रदेश) से 90 किमी दक्षिण-दक्षिण पूर्व, खंडवा (मध्य प्रदेश) से 210 किमी पूर्व-दक्षिण पूर्व तथा खरगोन (मध्य प्रदेश) से 280 किमी पूर्व-दक्षिण पूर्व स्थित था। इसके अगले 24 घंटों के दौरान विदर्भ, दक्षिण मध्य प्रदेश तथा उससे सटे मध्य महाराष्ट्र के ऊपर पश्चिम-उत्तर पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने तथा कमजोर होकर सुस्पष्ट निम्न दाब क्षेत्र में बदलने की प्रबल संभावना है।
मानसून द्रोणिका (ट्रफ ) मध्य समुद्र तल पर अब जैसलमेर, उदयपुर, इंदौर, पश्चिमी विदर्भ और उससे लगे दक्षिण मप्र पर स्थित डिप्रेशन के केंद्र , गोपालपुर से होते हुए दक्षिण – पूर्व की ओर मध्य बंगाल की खाड़ी तक गुजर रही है। एक नया पश्चिमी विक्षोभ मध्य क्षोभ मंडल में पछुआ हवाओं के बीच एक ट्रफ के रूप में स्थित है। पूर्व – पश्चिम शियर ज़ोन, अर्ब सागर से होते हुए , दक्षिण गुजरात और उत्तर -मध्य महाराष्ट्र से गुजरते हुए पश्चिमी विदर्भ और उससे लगे दक्षिण मध्य प्रदेश पर बने डिप्रेशन से जुड़े चक्रवाती परिसंचरण तक एक ट्रफ के रुप में देखा जा रहा है। वहीं अप-शोर ट्रफ , दक्षिण गुजरात से उत्तर केरल तक औसत समुद्र तल पर अभी भी बना हुआ है।
पूर्वानुमान – मौसम केंद्र ने ग्वालियर , दतिया , भिंड , मुरैना, श्योपुरकलां, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनुपपुर, शहडोल, उमरया, डिंडोरी , कटनी, जबलपुर, पन्ना , दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और मैहर जिलों में कुछ स्थानों पर, भोपाल, विदिशा , रायसेन, सीहोर , राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, खंडवा, इंदौर, उज्जैन , देवास, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, सागर और पांढुर्ना जिलों में अनेक स्थानों पर तथा बुरहानपुर, खरगोन , बड़वानी, आलीराजपुर, झाबुआ, धार और रतलाम जिले में अधिकांश स्थानों पर वर्षा होने अथवा गरज -चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। राज्य के कई जिलों में झंझावात / वज्रपात और 30 -40 किमी / घंटा की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलेंगी।
आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture

