राज्य कृषि समाचार (State News)

कृषि संचालक ने बैतूल जिले का किया भ्रमण

प्राकृतिक कृषि, दलहन और मिलेट फसलों को बढ़ावा देने के दिए निर्देश

15 सितंबर 2026, बैतूल: कृषि संचालक ने बैतूल जिले का किया भ्रमण – मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के तहत किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के संचालक श्री उमाकांत भार्गव ने  गत  दिनों  बैतूल जिले का भ्रमण कर प्राकृतिक कृषि, दलहन एवं मिलेट फसलों के प्रक्षेत्रों का अवलोकन किया। उन्होंने विभिन्न ग्रामों में किसानों से संवाद कर कृषि गतिविधियों, फसल उत्पादन की स्थिति एवं विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली। भ्रमण के दौरान उपसंचालक कृषि श्री आर.जी. रजक सहित विभागीय अधिकारी एवं मैदानी अमला उपस्थित रहा।

प्राकृतिक कृषि की बीआरसी यूनिट का अवलोकन-    भ्रमण की शुरुआत विकासखंड शाहपुर के ग्राम कुंडी से हुई। यहां संचालक कृषि श्री भार्गव ने प्राकृतिक कृषि अंतर्गत संचालित बीआरसी यूनिट का अवलोकन किया। उन्होंने प्राकृतिक कृषि में अपनाई जा रही तकनीकों, गतिविधियों तथा कृषकों को उपलब्ध कराए जा रहे तकनीकी मार्गदर्शन की जानकारी ली। उन्होंने मृदा स्वास्थ्य में सुधार, कृषि लागत में कमी तथा पर्यावरण अनुकूल खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया।

साकादेही में अरहर फसल प्रदर्शन देखा –  इसके पश्चात विकासखंड बैतूल के ग्राम साकादेही में दलहन मिशन अंतर्गत अरहर फसल प्रदर्शन का अवलोकन किया गया। संचालक कृषि ने फसल की स्थिति, उत्पादन तकनीक एवं कृषकों द्वारा अपनाई जा रही कृषि पद्धतियों की जानकारी ली। उन्होंने किसानों को दलहन फसलों का रकबा बढ़ाने, उन्नत उत्पादन तकनीक अपनाने तथा स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप फसल प्रबंधन करने के लिए प्रेरित किया।

कुटकी प्रक्षेत्र का किया अवलोकन – विकासखंड मुलताई के ग्राम घाटपिपरिया में कृषक श्री राकेश बिहारे के खेत पर मिलेट मिशन अंतर्गत कुटकी फसल के प्रक्षेत्र का अवलोकन किया गया। संचालक कृषि ने कुटकी की फसल की स्थिति एवं उत्पादन संभावनाओं की जानकारी ली तथा मिलेट फसलों को बढ़ावा देने के संबंध में कृषकों से चर्चा की। उन्होंने कहा कि स्थानीय एवं पारंपरिक फसलों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़कर किसानों की आय और कृषि की स्थिरता को बेहतर किया जा सकता है।

फसल विविधीकरण से कम होगा कृषि जोखिम –  कृषक संवाद के दौरान संचालक कृषि श्री भार्गव ने फसल विविधीकरण को वर्तमान कृषि व्यवस्था की महत्वपूर्ण आवश्यकता बताया। उन्होंने किसानों से केवल एक-दो फसलों पर निर्भरता कम कर दलहन, तिलहन एवं मिलेट जैसी फसलों को कृषि प्रणाली में शामिल करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि फसल विविधीकरण से बाजार एवं मौसम संबंधी जोखिमों को कम करने में मदद मिलती है तथा मृदा की उर्वरता एवं कृषि प्रणाली की स्थिति भी बेहतर होती है।

मृदा परीक्षण के आधार पर करें संतुलित उर्वरक उपयोग –   कृषि संचालक ने कृषकों को प्राकृतिक कृषि, दलहन एवं तिलहन फसलों के रकबे में वृद्धि, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण तथा संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन के संबंध में तकनीकी मार्गदर्शन दिया। उन्होंने किसानों से मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का संतुलित एवं आवश्यकता अनुरूप उपयोग करने तथा जैविक एवं प्राकृतिक संसाधनों के समुचित उपयोग पर जोर  दिया। संचालक कृषि ने कहा कि स्वस्थ मृदा ही टिकाऊ एवं लाभकारी कृषि की आधारशिला है। किसानों को मृदा की आवश्यकता के अनुसार पोषक तत्वों का प्रबंधन करते हुए उत्पादन लागत को नियंत्रित करने और कृषि को अधिक टिकाऊ बनाने की दिशा में कार्य करना चाहिए।

योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाने के निर्देश –   भ्रमण के दौरान संचालक कृषि ने विभिन्न प्रक्षेत्रों का अवलोकन कर किसानों से फीडबैक एवं मैदानी अनुभवों की जानकारी ली। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को शासन की योजनाओं एवं आधुनिक कृषि तकनीकों का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाने तथा मैदानी स्तर पर निरंतर तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत जिले में किसानों से सीधे संवाद और कृषि गतिविधियों के अवलोकन से प्राकृतिक कृषि, दलहन, तिलहन एवं मिलेट फसलों को बढ़ावा देने के साथ किसानों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के प्रयासों को और गति मिलने की उम्मीद है।

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture