राज्य कृषि समाचार (State News)

किसानों के लिए खुशखबरी! हल्दी की खेती पर मिलेगा अनुदान, जानें योजना और लाभ  

15 सितंबर 2026, रायपुर: किसानों के लिए खुशखबरी! हल्दी की खेती पर मिलेगा अनुदान, जानें योजना और लाभ – छत्तीसगढ़ में किसानों को पारंपरिक फसलों के साथ मसाला फसलों की खेती के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। राज्य सरकार की मसाला क्षेत्र विस्तार प्रोत्साहन योजना के तहत हल्दी की खेती का क्षेत्र बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। योजना के माध्यम से पात्र किसानों को हल्दी की खेती के लिए अनुदान दिया जा रहा है।

1300 हेक्टेयर में हल्दी की खेती का लक्ष्य

वर्ष 2026-27 में राज्य पोषित मद के अंतर्गत मसाला क्षेत्र विस्तार प्रोत्साहन योजना संचालित की जा रही है। उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी विभाग ने योजना के तहत हल्दी फसल के क्षेत्र विस्तार के लिए 1300 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए सरकार ने 620 लाख रुपए यानी 6.20 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया है। योजना का उद्देश्य किसानों को मसाला फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित करना और प्रदेश में फसल विविधीकरण को बढ़ावा देना है। इसके तहत किसान पारंपरिक फसलों के साथ हल्दी जैसी मसाला फसलों की खेती को भी अपना सकते हैं।

DBT के माध्यम से मिलेगा अनुदान

उद्यानिकी विभाग के अनुसार, हल्दी बीज की आपूर्ति संचालनालय या जिला स्तर से नहीं की जाती है। छत्तीसगढ़ शासन के कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार योजना के तहत किसानों को DBT के माध्यम से अनुदान दिया जाता है। किसानों द्वारा खरीदे गए बीज के देयकों और अन्य जरूरी अभिलेखों की जांच की जाती है। इसके साथ ही फसल का भौतिक सत्यापन होने के बाद पात्र किसानों को अनुदान का भुगतान किया जाता है।

अब तक 1.38 करोड़ रुपए का भुगतान

विभाग के मुताबिक, योजना के तहत अब तक किसानों के खातों में 138 लाख रुपए यानी 1.38 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन खरीदे गए हल्दी बीजों पर अनुदान दिया जा रहा है, वे स्वस्थ और उच्च गुणवत्तायुक्त हैं। इनमें अंकुरण संबंधी समस्या नहीं है।

मसाला फसलों का बढ़ेगा क्षेत्र

हल्दी की खेती को बढ़ावा मिलने से प्रदेश में मसाला फसलों का क्षेत्र विस्तार होने की उम्मीद है। इससे किसानों को पारंपरिक फसलों के साथ अतिरिक्त आय का विकल्प मिलेगा। साथ ही स्थानीय स्तर पर हल्दी और अन्य मसाला फसलों का उत्पादन बढ़ने से मसाला आधारित उद्योगों के लिए कच्चे माल की उपलब्धता भी मजबूत होगी।

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture