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राज्य कृषि समाचार (State News)

बालाघाट में धान के रखरखाव में लापरवाही के चलते सड़ गई करोड़ो की धान, भंडारण कंपनी पर कायम हुआ मामला

27 नवम्बर 2023, बालाघाट: बालाघाट में धान के रखरखाव में लापरवाही के चलते सड़ गई करोड़ो की धान, भंडारण कंपनी पर कायम हुआ मामला – मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में करीब 13 करोड़ की सरकारी धान के रख-रखाव में गड़बड़ी और लापरवाही का मामला सामना आया हैं। इस मामले में धान का भंडारण और रखरखाव करने वाली अहमदाबाद की गो ग्रीन कंपनी के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज की गई हैं।

दरअलस, बालाघाट में गत वर्ष समर्थन मूल्य पर लगभग 4.5 अरब रूपयों की (जिसकी मात्रा लगभग 40 लाख मैट्रिक टन के आसपास थी) धान की खरीदी की गई थी। लेकिन जिले में समर्थन मूल्य पर उपार्जित कर रखी गई धान के रख-रखाव में गड़बड़ी और 13 करोड़ से ज्यादा धान के गायब होने की जानकारी मिलने के बाद नॉन प्रबंधक रमेश पटले ने गो ग्रीन कंपनी के खिलाफ केस दर्ज कराया है।

गो ग्रीन कंपनी पर एफआईआर

पुलिस ने मामले को संज्ञान में लेते हुए धान भंडारन करने वाली कंपनी गो ग्रीन के डायरेक्टर संतोष साहू, नवरंगपुरा अहमदाबाद एवं स्टेट हेड सौरभ मालवीय, कंपनी के सलाहकार अखिलेश बिसेन के खिलाफ स्टेट वेयर हाउसिंग लाजिस्टिक कारपोरेशन बालाघाट के जिला प्रबंधक रमेश पटले की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई। यह उल्लेखनीय है की आरोपित कंपनी को पहले ही ब्लैक लिस्टेट किया जा चुका है।

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बालाघाट में वर्ष 2021-22 में उपार्जित धान के भंडार का अनुबंध गो ग्रीन कंपनी द्वारा वारासिवनी के डोगरिया, खापा, भंडारा, चिकमारा, मोहाडी, वारा, पालडोंगरी और नंदलेसारा में स्थित ओपन कैप में किया गया था लेकिन कंपनी द्वारा खुले आसमान के नीचे ओपन कैप में रखी गई धान को फटी त्रिपाल से ढक़ दिया गया जिसके कारण बारिश और कड़ी धूप में धान खराब हो गई।

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लारपरवाही के कारण 77 लाख का नुकसान

बालाघाट में ओपन कैप में उपार्जित धान के लिए सुरक्षा के प्रबंध ना किए जाने के कारण हजारों क्विंटल धान की चोरी भी की गई। धान स्टाक की जांच किए जाने से करीब 6632.48 टन धान की कमी पाई गई जिसकी कीमत 12.886 करोड रूपए बताई गई है।  इतना ही नही रखरखाव में लापरवाही बरतने के कारण 39.898 टन धान खराब हो गई। जिसके कारण 0.077 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इसके लिए फर्म को जिम्मेदार मानते हुए उससे वसूली की कार्यवाही प्रस्तावित की गई थी, लेकिन फर्म के जिम्मेदारों द्वारा कोताही बरते जाने पर मध्य प्रदेश वेयर हाऊसिंग लॉजिस्टिक एंड कॉर्पोरेशन के प्रबंध संचालक के निर्देश के बाद आखिरकार बालाघाट में जिला प्रबंधक ने वारासिवनी थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। हालांकि, कहा जा रहा है कि स्थानीय अधिकारियों ने लंबे समय तक इस मामले को दबाकर रखा हुआ था।

देश में सिर्फ 45 फीसदी अनाज भंडारण की क्षमता

अनाज उत्पादन स्टोर करने की क्षमता को देखा जायें तो पूरे भारत में ऐसे ही अनाज के भंडारण में लापरवाही के चलते हर साल करोड़ों रूपये का अनाज खराब हो जाता हैं।

भारत दुनिया का तीसरा बड़ा अनाज उत्पादक देश हैं। लेकिन संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एंव कृषि संगठन (एफओ) के अनुसार, देश में सलाना अनाज उत्पादन का सिर्फ 45 फीसदी ही स्टोर करने की क्षमता हैं। इससे देश में हर साल 11-15 प्रतिशत अनाज का नुकसान हो जाता हैं।

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