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राज्य कृषि समाचार (State News)

ऋणी व गैर ऋणी कृषकों को फसल बीमा करवाने की अंतिम तिथि 31 दिसम्बर

06 दिसम्बर 2023, बांरा: ऋणी व गैर ऋणी कृषकों को फसल बीमा करवाने की अंतिम तिथि 31 दिसम्बर – राजस्थान कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक कृषि अतीश कुमार शर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत वर्ष 2023-24 के लिए राज्य सरकार द्वारा अधिसूचना 21 जुलाई 2023 को जारी की जा चुकी है। जिले में योजना के क्रियान्वयन के लिए एग्रीकल्चर इंश्योरेन्स कम्पनी ऑफ इंडिया लिमिटेड बीमा कम्पनी को अधिकृत किया गया है।

जिले में रबी 2023-24 की फसलों के तहत गेहुं, चना, सरसों व धनिया को बीमा करवाने के लिए अधिसूचित किया गया है। राज्य सरकार द्वारा अधिसूचना के अनुसार फसल बीमा योजना के तहत फसली ऋण लेने वाले कृषक जिनकी फसल ऋण की सीमा को रबी के लिए 31 दिसम्बर तक स्वीकृत किया गया हो अथवा वितरीत किया गया हो, के कृषक फसल बीमा हेतु पात्र होंगे।

बैंक फसल बीमा की कटौती करनें से पूर्व किसान से एक प्रमाण पत्र भी लेगी, जिसमें यह सुनिश्चित होगा कि किसान ने उस भूमि पर अन्य किसी बैंक से फसल बीमा नहीं करवाया हैं। ऋणी कृषकों द्वारा बिमित फसल में परिवर्तन की सूचना संबधित बैंक को देने की अंतिम तिथि 29 दिसम्बर 2023 निर्धारित की गई है। गैर ऋणी कृषक एवं बटाईदार कृषक स्वैच्छिक अथवा वह भू स्वामित्व के साक्ष्य, भू स्वामित्व प्रमाण पत्र, बैंक खाता संबधी साक्ष्य, आधार कार्ड की प्रति, अपना खाता पोर्टल से डाउनलोड की गई।

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आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज

स्वप्रमाणित फसल बुवाई घोषणा पत्र, बंटाईदार कृषक द्वारा सम्बंधित खातेदार से प्राप्त शपथ पत्र राशि रूपए 100 के नॉन ज्यूडिशियल स्टाम्प पेपर के नॉटरी द्वारा प्रमाणित जिसमें संबधित कृषि भूमि का विवरण भी होगा जो बंटाई पर दी है। बंटाईदार कृषक का राजस्थान का मूल निवास प्रमाण पत्र, बंटाईदार कृषक एवं संबधित खातेदार दोनों कृषकों के स्वयं द्वारा संबधित आधार कार्ड की प्रति इत्याादि दस्तावेजों से गैर ऋणी कृषक के रूप में फसल बीमा करवाया जा सकता है।

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अतीश कुमार शर्मा ने बताया कि ऋणी कृषकों का प्रीमियम उसके अन्य खातों से वसूल किया जाएगा। गैर ऋणी कृषक एवं बटाईदार कृषक अपनी फसलों का बीमा स्वैच्छिक आधार पर निकट के कैन्द्रीय सहकारी बैंक, क्षैत्रीय ग्रामीण बैंक, वाणिज्यिक बैंक की शाखाओं एवं सीएससी के माध्यम से करवा सकेंगे।

उन्होंने बताया कि गैर ऋणी कृषक बीमा कम्पनी के अधिकृत बीमा एजेन्ट, मध्यस्थी, प्राधिकृत प्रतिनिधि अथवा राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल एनसीआईपी द्वारा भी फसल बीमा करवा सकते है।

रबी 2023-24 हेतु गेंहु, चना, सरसों फसलों का बीमा जिले की सभी तहसीलों के कृषकों द्वारा करवाया जा सकता हैं। रबी 2023-24 हेतु प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत जिले में अधिसूचित फसलों की प्रति हेक्टर धनिया 168022 रूपए, चना 102021 रूपए, सरसों 106098 रूपए, व गेंहू 99260 रूपए बीमित राशि निर्धारित की गई है। गेहुं, चना व सरसों फसलों हेतु 1.5 प्रतिशत एवं धनिया फसल हेतु 5 प्रतिशत कृषक हिस्सा राशि कृशकों से ली जाएगी। कृषकों द्वारा गेहुं फसल हेतु प्रिमियम राशि 1489 रूपए, चना फसल 1530 रूपए, सरसों 1591 रूपए एवं धनिया 8401 रूपए वहन की जाएगी। शेष राशि राज्य व केन्द्र सरकार बराबर-बराबर अनुपात में वहन करेंगे।

इन स्थितियों में मान्य होगा फसल बीमा

उन्होने बताया कि बीमित कृषकों की खड़ी फसल बुवाई से कटाई में सूखा, लम्बी सूखा अवधि, बाढ, जल प्लावन, कीट एवं व्याधि, प्राकृतिक आग एवं बिजली का गिरना, तूफान, ओलावृष्ठि, चक्रवात से होने वाले उपज में नुकसान के लिए व्यापक जोखिम बीमा राज्य सरकार द्वारा संपादित फसल कटाई प्रयोगों से प्राप्त उपज आंकडों के आधार पर देय होगा। फसल कटाई उपरान्त सूखने के लिए खेत में काटकर फैलाकर छोड़ी गई फसल को चक्रवात, चक्रवाती वर्षा, असामयिक वर्षा तथा ओलावृष्टि से व्यक्तिगत आधार पर हुए नुकसान के लिए कटाई उपरान्त अधिकतम 14 दिन की अवधि के लिए बीमा आवरण उपलब्ध होगा।

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