राज्य कृषि समाचार (State News)

टिड्डी दल से बचाव और सतर्कता के लिए निर्देश जारी

टिड्डी दल से बचाव और सतर्कता के लिए निर्देश जारी

20 मई 2020, भोपाल: मध्य प्रदेश के कृषि संचालक, द्वारा राजस्थान की सीमा से लगे मंदसौर, नीमच तथा उज्जैन जिले के कुछ क्षेत्रों में टिड्डी दल के आने की जानकारी मिलने  पर बचाव और सतर्कता के लिए निर्देश जारी किये हैं।

टिड्डी दल से होने वाले नुकसान को देखते हुए इन जिलों के किसानों को सलाह दी गयी है कि वे अपने स्तर पर समूह बनाकर खेतों में रात के समय निगरानी करें। शाम 7 से 9 बजे के बीच टिड्डी दल रात्रि विश्राम के लिए कहीं भी बैठ सकता है, जिसकी पहचान एवं जानकारी के लिए स्थानीय स्तर पर दल का गठन कर सतत् निगरानी रखें।

Advertisement
Advertisement

टिड्डी दल का प्रकोप होने पर तत्काल स्थानीय प्रशासन और कृषि विभाग से संपर्क कर जानकारी दें। किसान भाई टोली बनाकर विभिन्न तरह के पारंपरिक उपाय जैसे शोर मचाकर, अधिक ध्वनि वाले यंत्रों को बजाकर या पौधों की डालों से अपने खेत से टिड्डी दलों को भगा सकते हैं

किसी क्षेत्र में शाम को टिड्डी दल का प्रकोप हो गया हो तो सुबह 3 बजे से 6 बजे तक तुरंत अनुशंसित कीटनाशी दवाएँ जैसे – क्लोरपॉयरीफॉस 20 ई.सी. 1200 मिली. या डेल्टामेथरिन 2.8 ई.सी. 600 मिली. अथवा लेम्डासाईहेलोथ्रिन 5 ई.सी. 400 मिली., डाईफलूबिनज्यूरान 25 डब्लयू.टी. 240 ग्राम प्रति हैक्टेयर 600 लीटर पानी में मिलाकर ट्रैक्टर चलित स्प्रे-पंप (पॉवर स्प्रेयर) द्वारा छिड़काव करें। टिड्डी दल के आक्रमण के समय यदि कीटनाशी दवा उपलब्ध न हो तो ट्रैक्टर चलित पॉवर-स्प्रे के द्वारा तेज बौछार से भी दल को भगाया जा सकता है।

Advertisement8
Advertisement
Advertisements
Advertisement3
Advertisement
Advertisements
Advertisement5
Advertisement