कपास की खरीदी बंद करने से दो दिन पूर्व किसानों को सूचित करें

व्हाट्सएप या फेसबुक पर शेयर करने के लिए नीचे क्लिक करें

15  दिसम्बर 2020, खण्डवा:  खंडवा कलेक्टर ने कृषि उपज मण्डी के सचिव तथा भारतीय कपास निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि मण्डी में जब भी कपास की खरीदी बंद की जाए तो उससे दो दिन पूर्व किसानों को इसकी सूचना अवश्य दी जाए l किसानों के दस्तावेजों की पुष्टि होने के बाद ही समर्थन मूल्य पर कपास खरीदी की जाए l  

कलेक्टर श्री अनय द्विवेदी ने गत दिनों  कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में कृषि उपज मण्डी के सचिव तथा भारतीय कपास निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि मण्डी में कपास उत्पादक किसानों से कपास खरीदा जाए  तथा जब-जब कपास की खरीदी बंद की जाए  तो उससे दो दिन पूर्व किसानों को इसकी सूचना अवश्य दी जाए , ताकि किसान उस अवधि में कपास लेकर मण्डी न आएं । किसानों को यह सूचना मण्डी के नोटिस बोर्ड के साथ -साथ समाचार पत्रों व संचार के अन्य माध्यमों से दी जाए । यही नहीं उन्होंने यह भी कहा कि कपास खरीदी बंद करने से पूर्व जो किसान कपास विक्रय के लिए कतार  में लगे हैं उनकी खरीदी पूर्ण करने के बाद ही खरीदी बंद की जाए ।

कलेक्टर श्री द्विवेदी ने अधिकारियों से कहा कि समर्थन मूल्य की सुविधा किसानों के लिए है, अतः व्यापारी इस सुविधा का लाभ न उठा पाएं यह सुनिश्चित किया जाए l किसानों से भू अधिकार ऋण पुस्तिका, आधार कार्ड, समग्र आईडी आदि दस्तावेज देखकर पुष्टि होने के उपरांत ही समर्थन मूल्य पर कपास खरीदी जाए l आपने कृषि विभाग के एसडीओ, तहसीलदार व मण्डी के अधिकारियों की समिति बनाकर अगले दो दिनों में जांच कर यह रिपोर्ट देने के निर्देश दिए  कि अभी तक किसी व्यापारी की कपास तो नहीं खरीदी गई है। मण्डी में विक्रय के लिए आने वाली कपास की गुणवत्ता अर्थात एफएक्यू के स्तर की जांच के लिए भी उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों की ड्यूटी लगाने के लिए भी कहा। पहले आने वाले किसान की कपास पहले खरीदी जाए  तथा क्रम का पालन किया जाए l बैठक में जिला पंचायत के सीईओ श्री रोशन कुमार सिंह, अपर कलेक्टर श्रीमती नंदा भलावे कुशरे, एसडीएम हरसूद डॉ. परीक्षित झाडे व सहायक कलेक्टर श्री श्रेयांश कुमट सहित विभिन्न अधिकारी मौजूद थे।

महत्वपूर्ण खबर : किसान पशुधन बीमा योजना लागू

Photo on VisualHunt

व्हाट्सएप या फेसबुक पर शेयर करने के लिए नीचे क्लिक करें
Advertisements

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Open chat
1
आपको यह खबर अपने किसान मित्रों के साथ साझा करनी चाहिए। ऊपर दिए गए 'शेयर' बटन पर क्लिक करें।