Ad DesktopAd TabletAd Mobile
राज्य कृषि समाचार (State News)

कपास के बीज खरीदी में रखे सावधानी, बीटी कपास की करें बुवाई

24 अप्रैल 2025, भोपाल: कपास के बीज खरीदी में रखे सावधानी, बीटी कपास की करें बुवाई – देश के अन्य हिस्सों के साथ ही राजस्थान क्षेत्र के किसान भी अब देसी कपास की बुवाई करने की तैयारी में है। ऐसे में कृषि विभाग अलवर राजस्थान के अफसरों ने किसानों को कपास के बीज खरीदी में सावधानी रखने के साथ ही बीटी कपास की बुवाई करने की सलाह दी है।

कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक, अलवर राजस्थान ने बताया कि बीटी कपास की बुवाई के लिए  15 मई तक का समय उचित रहेगा। संयुक्त निदेशक पीसी मीणा ने किसानों से अनुरोध किया है कि वे अधिकृत कृषि आदान विक्रेता से ही बीटी कपास के बीज की खरीद करें और उसका पक्का बिल अवश्य लें। यदि कोई दुकानदार बीज का बिल देने से इनकार करता है तो उसकी जानकारी कृषि विभाग के कृषि पर्यवेक्षक को या किसी भी अन्य अधिकारी को दें। बिना बिल के बीज लेने पर नकली बीटी कपास का बीज भी दिए जाने की संभावना बनी रहती है।

अधिकृत कंपनी की बीटी किस्म के कपास का ही बीज खरीदे

कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक ने बताया कि कृषि आयुक्तालय में अधिकृत कंपनी की बीटी किस्म के कपास का ही बीज खरीदे। पिकअप या अन्य वाहन में रखकर गांवों में नकली बीटी कपास बेचने वाले लोगों से बीज की खरीद नहीं करें। उन्होंने कृषि आदान विक्रेताओं को निर्देशित किया है कि कृषि आयुक्तालय से जल्द ही कंपनियों की किस्म की परमिशन जारी होने वाली है, जब तक परमिशन जारी नहीं हो बीटी कपास के किसी भी कंपनी की किसी भी किस्म का विक्रय नहीं करें। यदि बिना अनुमति के कोई विक्रेता बीज बेचता पाया गया तो उसके विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी और बीज को जब्त कर लिया जाएगा। उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित विक्रेता की होगी।

Ad DesktopAd TabletAd Mobile
Ad DesktopAd TabletAd Mobile

कहां से मिलेगा  उन्नत बीज

बीटी कपास का उन्नत बीज अलवर में कृषि विभाग की ओर से अधिकृत कृषि आदान विक्रेताओं से प्राप्त किया जा सकता है। किसान कृषि विभाग अलवर द्वारा अधिकृत कृषि आदान विक्रेताओं की सूची प्राप्त कर सकते हैं। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए आप कृषि विभाग अलवर के संयुक्त निदेशक से संपर्क कर सकते हैं।

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें
खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर
चैनल फॉलो करें

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्राम, व्हाट्सएप्प)

(कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें)

कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.krishakjagat.org/kj_epaper/

कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.global-agriculture.com