Ad DesktopAd TabletAd Mobile
राज्य कृषि समाचार (State News)

स्वस्थ मृदा से होती है कृषक की आय दो गुना – डॉ.जे.एस.मिश्र

08 दिसम्बर 2022, जबलपुर: स्वस्थ मृदा से होती है कृषक की आय दो गुना- डॉ.जे.एस.मिश्र – किसानों को मृदा के स्वास्थ्य में सुधार लाने हेतु जागरूक करने के उद्देश्य से खरपतवार अनुसंधान निदेशालय, जबलपुर द्वारा गत 5 दिसम्बर को विश्व मृदा दिवस का आयोजन शासकीय एकीकृत माध्यमिक शाला,गदर पिपरिया, सहजपुर में किया गया। इस वर्ष का विषय ‘‘मृदा : जहाँ अन्न की शुरुआत ‘‘ है। इस आयोजन में विभिन्न क्षेत्रों से लगभग 150 छात्रों एवं महिला/पुरूष कृषकों के अलावा संस्थान के कृषि वैज्ञानिकों एवं तकनीकी अधिकारियों ने भाग लिया।

डॉ.जे.एस.मिश्र,निदेशक , खरपतवार अनुसंधान निदेशालय ने कहा कि मृदा एक जीवित संरचना है, इसलिए इसके स्वास्थ्य पर ध्यान देना हमारा परम कर्तव्य है। स्वस्थ मृदा से ही स्वस्थ मानव, स्वस्थ पर्यावरण एवं स्वस्थ समाज का निर्माण संभव है। बढती हुई जनसंख्या के भरण- पोषण हेतु भूमि की उर्वरा शक्ति को बढाने की आवश्यकता है, ताकि कम जमीन से भी अधिक उत्पादन एवं लाभ प्राप्त किया जा सके। आपने मृदा स्वास्थ्य सुधार हेतु संतुलित पोषण व संरक्षित खेती अपनाने पर जोर दिया,ताकि आय दो गुना की जा सके । आपने खरपतवारों एवं अन्य फसल अवशेषों से खाद बनाकर उसके उपयोग से मृदा की उर्वरा शक्ति बढ़ाने की कृषकों से अपील की।

डॉ. पी.के.सिंह, प्रधान वैज्ञानिक ने मृदा के स्वास्थ्य को सुधारने की आवश्यकताओं , विधियों एवं मृदा में रसायनों के उपयोग से होने वाले प्रदूषण को रोकने संबंधी जानकारी प्रदान की। आपने किसानों से पूर्व फसल के अवशेष (नरवाई/पराली) को न जलाने की भी अपील की , क्योंकि इससे मृदा में मौजूद उपयोगी जीवाणु नष्ट हो जाते हैं और पर्यावरण भी दूषित होता है। संरक्षित खेती इस समस्या का उचित विकल्प है। इस अवसर पर डॉ. के.के. बर्मन, डॉ. विजय कुमार चौधरी, डॉ.हिमांशु महावर एवं डॉ. दिवाकर रॉय ने मृदा स्वास्थ्य को सुधारने की ज़रूरत एवं विधियों पर व्याख्यान दिए । कार्यक्रम में श्री मदन तिवारी प्रधान शिक्षक विशेष रुप से उपस्थित थे ।

Ad DesktopAd TabletAd Mobile
Ad DesktopAd TabletAd Mobile

महत्वपूर्ण खबर: कपास मंडी रेट (07 दिसम्बर 2022 के अनुसार)

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें
खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर
चैनल फॉलो करें

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्राम )