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फसल की खेती (Crop Cultivation)राज्य कृषि समाचार (State News)

प्रदेश में तीसरी फसल लेने के लिए किसान उत्साहित

भोपाल। म.प्र. में तीसरी फसल लेने के लिए किसानों का उत्साह बढ़ता जा रहा है। वर्ष दर वर्ष रकबा बढऩे से किसान की आमदनी में भी इजाफा हो रहा है। जायद में तीसरी फसल के रूप में सबसे अधिक मूंग का रकबा बढ़ रहा है। जायद की अन्य फसलों में उड़द, मूंगफली, मक्का एवं कुछ क्षेत्रों में ग्रीष्मकालीन धान भी लगाई जा रही है। इस वर्ष कुल 4 लाख 42 हजार हे. में जायद फसलें लेने का लक्ष्य रखा गया है जिसके विरुद्ध अब तक 8 हजार 700 हे. रकबे में बोनी कर ली गई है, जबकि गत वर्ष कुल 2 लाख 47 हजार हे. में जायद फसलें बोई गई थीं।
प्रदेश में सिंचाई की सुविधा बढऩे से किसान जायद में तीसरी फसल लेने लगे हैं। पूर्व में रबी की कटाई के बाद खेत खाली पड़े रहते थे। अब सिंचाई की व्यवस्था होने पर मूंग, उड़द की खेती कर अधिक लाभ कमाया जा सकता है।
जानकारी के मुताबिक इस वर्ष जायद 2017 में 3 लाख 42 हजार हेक्टेयर में मूंग ली जाएगी। जबकि गत वर्ष 2 लाख 23 हजार हेक्टेयर में यह फसल ली गई थी। इसी प्रकार उड़द इस वर्ष 27 हजार 300 हेक्टेयर में लेने का लक्ष्य है जबकि गत वर्ष 9 हजार 500 हेक्टेयर में बोई गई थी। वहीं मक्का 18 हजार 200 हेक्टेयर में तथा मूंगफली 11 हजार 900 हेक्टेयर में लेने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि गत वर्ष मक्का 5 हजार 500 हेक्टेयर में तथा मूंगफली 4 हजार 200 हेक्टेयर में बोई गई थी।
जानकारी के मुताबिक जायद मौसम के लिए कृषि विभाग ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन में प्रदर्शन के लिए सूरजधारा योजना में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के कृषकों के लिए एवं बीज ग्राम योजना में सभी वर्ग के किसानों के लिए मूंग, उड़द बीज का भण्डारण सभी विकासखंडों में किया गया है। किसान पहले आएं पहले पाएं के आधार पर विकासखंडों से बीज प्राप्त कर सकते हैं।