छतरपुर: मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना बनी ग्रामीण समृद्धि की नई कहानी
22 मई 2026, छतरपुर: छतरपुर: मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना बनी ग्रामीण समृद्धि की नई कहानी – छतरपुर जिले के एक छोटे से गांव की सुबह अब पहले जैसी नहीं रही। पहले जहां घरों में रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने की चिंता रहती थी, वहीं अब कई परिवारों के चेहरे पर आत्मविश्वास और खुशहाली की चमक दिखाई देने लगी है। इस बदलाव की वजह बनी है पशुपालन विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना।
कलेक्टर पार्थ जैसवाल के निर्देशन में जिले में इस योजना को गंभीरता और तत्परता से लागू किया गया। वर्ष 2025-26 में 50 हितग्राहियों के लक्ष्य के अंतर्गत अब तक 12 ग्रामीण परिवारों को उनकी इच्छानुसार दो-दो उन्नत मुर्रा नस्ल की भैंसें उपलब्ध कराई गईं। इसके पहले भी 15 हितग्राहियों को लाभ मिल चुका है। इनमें आशाराम आदिवासी, दयाशंकर अहिरवार, प्रियंबदा रावत, राजेश यादव, राम रतन प्रजापति, आनंद पटेल, दयाराम राजपूत, रामदास पाल, मनोज राजपूत, मंगल सिंह राजपूत और संतोष तिवारी जैसे पशुपालक शामिल हैं, जिनकी जिंदगी अब धीरे-धीरे बदल रही है।
गांव के आशाराम आदिवासी बताते हैं कि पहले परिवार की आमदनी सीमित थी और खर्च पूरे करना मुश्किल हो जाता था। लेकिन अब उनकी मुर्रा नस्ल की भैंसें प्रतिदिन लगभग 10 से 12 लीटर दूध दे रही हैं। दूध बेचने से घर की नियमित आय बढ़ी है और बच्चों की पढ़ाई से लेकर घर की जरूरतें आसानी से पूरी होने लगी हैं।
योजना की सबसे खास बात यह रही कि सामान्य एवं ओबीसी वर्ग के हितग्राहियों को 50 प्रतिशत तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग को 75 प्रतिशत तक अनुदान दिया गया। इतना ही नहीं, भैंसों के चयन से लेकर उन्हें घर तक पहुंचाने और वापस लौटने तक का पूरा खर्च भी शासन ने उठाया। इससे ग्रामीणों पर किसी प्रकार का अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ा। हितग्राहियों का कहना है कि उन्हें केवल पशु ही नहीं मिले, बल्कि पशुपालन से जुड़ी तकनीकी जानकारी और विभागीय सहयोग भी मिला। यही कारण है कि अब उनमें आत्मनिर्भर बनने का विश्वास बढ़ा है।
आज छतरपुर जिले के कई गांवों में सुबह की शुरुआत भैंसों की घंटियों और दूध दुहने की आवाजों से होती है। यह केवल दूध उत्पादन की कहानी नहीं, बल्कि उन परिवारों के सपनों के पूरे होने की कहानी है, जिन्होंने मेहनत और शासन की सहायता से अपने जीवन में नई उम्मीद जगाई है। मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना अब जिले में ग्रामीण समृद्धि, आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की मिसाल बन चुकी है। हितग्राहियों ने इसके लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया है।
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