केएयू और वीएसटी टिलर्स ट्रैक्टर्स लिमिटेड के बीच कृषि यंत्रीकरण अनुसंधान को बढ़ावा देने हेतु समझौता
08 मई 2026, त्रिशूर, केरल: केएयू और वीएसटी टिलर्स ट्रैक्टर्स लिमिटेड के बीच कृषि यंत्रीकरण अनुसंधान को बढ़ावा देने हेतु समझौता – केरल कृषि विश्वविद्यालय (केएयू) ने भारत की अग्रणी ट्रैक्टर एवं कृषि यंत्रीकरण उपकरण निर्माता कंपनी वीएसटी टिलर्स ट्रैक्टर्स लिमिटेड के साथ कृषि अभियांत्रिकी, कृषि यंत्रीकरण अनुसंधान, उत्पाद परीक्षण, प्रदर्शन मूल्यांकन तथा विस्तार गतिविधियों के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।
इस साझेदारी का उद्देश्य कृषि यंत्रीकरण के क्षेत्र में उद्योग और शिक्षण संस्थान के बीच सहयोग को मजबूत करना है। इसके तहत वीएसटी टिलर्स ट्रैक्टर्स लिमिटेड की तकनीकी विशेषज्ञता को केएयू की अनुसंधान, शिक्षण और विस्तार सेवाओं के साथ जोड़ा जाएगा। समझौते के अंतर्गत संयुक्त परियोजनाएं, ट्रैक्टर एवं कृषि उपकरणों का परीक्षण और सत्यापन, प्रशिक्षण कार्यक्रम, छात्र अनुसंधान गतिविधियां तथा किसानों के लिए प्रदर्शन एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
सहयोग के तहत वीएसटी टिलर्स ट्रैक्टर्स लिमिटेड 13 हॉर्सपावर से 50 हॉर्सपावर तक के पावर टिलर और ट्रैक्टर केएयू फार्मों में परीक्षण, प्रदर्शन और अनुसंधान गतिविधियों के लिए उपलब्ध कराएगी। कंपनी कृषि उपकरणों के साथ तकनीकी सहायता भी प्रदान करेगी। वहीं केएयू मशीनों के मूल्यांकन, परीक्षण और प्रदर्शन के लिए फील्ड सुविधाएं, संचालन सहयोग और अनुसंधान विशेषज्ञता उपलब्ध कराएगा।
दोनों संस्थानों के अनुसार यह साझेदारी केरल की विशेष कृषि परिस्थितियों के अनुरूप उन्नत कृषि यंत्रीकरण समाधानों के विकास और परीक्षण के लिए एक मजबूत मंच तैयार करेगी। इसके साथ ही यह पहल श्रमिकों की कमी को दूर करने, कृषि उत्पादकता बढ़ाने और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने में मदद करेगी।
यह एमओयू केएयू के छात्रों और शोधार्थियों को कृषि यंत्रीकरण एवं संबंधित तकनीकों पर संयुक्त परियोजनाओं में भाग लेने का अवसर भी प्रदान करेगा। इससे छात्रों और युवा शोधकर्ताओं को कृषि अभियांत्रिकी और आधुनिक कृषि यंत्रीकरण में व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा।
इस अवसर पर वीएसटी टिलर्स ट्रैक्टर्स लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एंटनी चेरुकारा ने कहा,
“केरल कृषि विश्वविद्यालय जैसे प्रतिष्ठित कृषि शिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान के साथ सहयोग कर हमें प्रसन्नता है। यह साझेदारी छोटे और सीमांत किसानों को नवाचार आधारित और किफायती कृषि यंत्रीकरण समाधान उपलब्ध कराने की हमारी सोच के अनुरूप है। केएयू के विशेषज्ञों और छात्रों के साथ मिलकर हम ऐसे व्यावहारिक और खेतों में उपयोगी तकनीकी समाधान विकसित करना चाहते हैं जो किसानों की आय और कृषि कार्यक्षमता में सुधार ला सकें। इस सहयोग के माध्यम से छात्रों को होसुर स्थित हमारे आगामी ग्लोबल टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट सेंटर के साथ काम करने का भी अवसर मिलेगा।”
केरल कृषि विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. ए. साकीर हुसैन ने कहा कि यह समझौता कृषि यंत्रीकरण के क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार और तकनीक प्रसार को मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि वीएसटी जैसी अग्रणी कंपनी के साथ सहयोग से छात्रों को व्यावहारिक अनुभव मिलेगा, अनुसंधान की गुणवत्ता बढ़ेगी और केरल की कृषि प्रणाली के अनुरूप प्रभावी कृषि तकनीकों के विकास को गति मिलेगी।
उन्होंने आगे कहा कि यह पहल किसानों के लिए प्रदर्शन कार्यक्रमों, परीक्षण गतिविधियों और जागरूकता अभियानों के माध्यम से कृषि उत्पादकता और स्थिरता बढ़ाने में सहायक होगी।
दोनों संस्थानों के अधिकारियों ने कहा कि यह साझेदारी कृषि क्षेत्र में अनुसंधान और नवाचार को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे आधुनिक, प्रभावी और किफायती कृषि यंत्रीकरण तकनीकें किसानों तक बेहतर तरीके से पहुंच सकेंगी।
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