राज्य कृषि समाचार (State News)पशुपालन (Animal Husbandry)

पशुओं को  गर्मी  से बचाने के लिए फॉगर और पंखों का उपयोग करें- कृषि विज्ञान केंद्र, बुरहानपुर

07 मई 2026, बुरहानपुर: पशुओं को  गर्मी  से बचाने के लिए फॉगर और पंखों का उपयोग करें- कृषि विज्ञान केंद्र, बुरहानपुर – बुरहानपुर जिले में भीषण गर्मी के मद्देनजर कृषि विज्ञान केंद्र, बुरहानपुर के पशुपालन वैज्ञानिक श्री अमोल देशमुख ने किसानों और पशुपालकों को आपातकालीन सलाह जारी की है। उन्होंने बताया कि बढ़ती लू और हीट स्ट्रोक से दूधारू पशुओं और मुर्गियों को बचाने के लिए तुरंत प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है।

पशुओं के लिए फॉगर और पंखे लगाएं –   श्री अमोल देशमुख के अनुसार, पशुशेड में बड़े-बड़े पंखे (एग्जॉस्ट फैन या हाई-स्पीड वॉल फैन) लगाएं ताकि हवा का संचार बना रहे। इसके अलावा फॉगर सिस्टम (फॉगिंग मशीन) का उपयोग करें दृ यह बारीक पानी के कण छोड़ता है, जिससे शेड का तापमान 5-7 डिग्री तक कम हो सकता है। अगर फॉगर न हो तो स्प्रिंकलर या पाइप में छोटे-छोटे छेद करके पानी का छिड़काव करें।पानी और शेड की व्यवस्था दिन के समय पशुओं को खुले में न बांधें। पक्के छप्पर या टिन शेड के नीचे ही रखें। शेड की छत पर गीली बोरियां बिछाकर ठंडक का प्रबंध करें। साफ और ठंडे पानी की कम से कम तीन से चार बार आपूर्ति करें।

चारे में बदलाव – दिन में चराने के बजाय सुबह जल्दी (7 बजे से पहले) या रात के समय चारा खिलाएं। हरे चारे के साथ-साथ मिनरल मिक्सचर और इलेक्ट्रोलाइट पाउडर पानी में मिलाकर दें, इससे डिहाइड्रेशन का खतरा कम होता है। मुर्गी पालन करने वाले किसानसतर्क रहें ।   मुर्गियां गर्मी के प्रति अधिक संवेदनशील होती हैं। तापमान बढ़ने से अंडा उत्पादन घट जाता है और मौतें भी हो सकती हैं।

शेड को करें ठंडा – शेड के ऊपर सफेद रंग का कपड़ा या ग्रीन नेट लगाएं। शेड में एक्सॉस्ट फैन और कूलर लगाकर हवा का संचार बनाए रखें। मुर्गीशेड में फॉगर लगाना सबसे कारगर उपाय है,  दिन में हर 10-15 मिनट में फॉगर चलाएं, इससे मुर्गियों को राहत मिलेगी। छत पर स्प्रिंकलर या पाइप से पानी का छिड़काव करें।पीने के पानी पर विशेष ध्यानमुर्गियों को हर घंटे ताजा पानी उपलब्ध कराया जाए। पानी में ग्लूकोज (शक्कर) और थोड़ा सा नींबू मिलाकर पिलाने से उन्हें तुरंत ऊर्जा मिलती है।

एहतियात के अन्य नुस्खे बायोसिक्योरिटी– गर्मी के कारण पशुओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता घट जाती है। शेड को समय-समय पर कीटाणुनाशक दवा से साफ करें। अगर पशु बार-बार सांस ले रहा है, लार टपका रहा है या बेहोश हो रहा है, तो तुरंत नजदीकी पशु चिकित्सालय ले जाएं।

आहार अनुपूरक-  पशुओं को सुबह-शाम पीने के पानी में ओ यूआरएस या नमक-सोडा मिलाकर पिलाएं। अदरक और गुड़ खिलाना भी फायदेमंद रहेगा।

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