पशुओं और मुर्गियों पर हीट स्ट्रोक का अलर्ट, बचाव के लिए तुरंत अपनाएं ये उपाय; वरना होगा भारी नुकसान
01 मई 2026, भोपाल: पशुओं और मुर्गियों पर हीट स्ट्रोक का अलर्ट, बचाव के लिए तुरंत अपनाएं ये उपाय; वरना होगा भारी नुकसान – श्री देशमुख ने कहा कि पशुशेड में तुरंत ठंडक की व्यवस्था करना जरूरी है। इसके लिए एग्जॉस्ट फैन या हाई-स्पीड वॉल फैन लगाने की सलाह दी गई है, जिससे हवा का उचित संचार बना रहे। साथ ही फॉगर सिस्टम का उपयोग करने पर शेड का तापमान 5 से 7 डिग्री तक कम किया जा सकता है। यदि फॉगर उपलब्ध न हो तो स्प्रिंकलर या पाइप में छोटे छेद करके पानी का छिड़काव किया जा सकता है। उन्होंने यह भी सलाह दी कि पशुओं को दिन में खुले में न बांधा जाए और उन्हें पक्के या छायादार शेड में रखा जाए।
पानी और आहार पर विशेष ध्यान जरूरी
पशुओं को दिन में कम से कम तीन से चार बार ठंडा और साफ पानी देना चाहिए। शेड की छत पर गीली बोरियां रखकर भी तापमान कम किया जा सकता है। पशुओं को सुबह जल्दी या शाम के समय ही चारा खिलाने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही मिनरल मिक्सचर और इलेक्ट्रोलाइट पाउडर पानी में मिलाकर देने से डिहाइड्रेशन का खतरा कम होता है।
मुर्गी पालन में विशेष सावधानी जरूरी
मुर्गियां गर्मी के प्रति अत्यधिक संवेदनशील होती हैं। तापमान बढ़ने पर अंडा उत्पादन घटने के साथ मृत्यु दर भी बढ़ सकती है। इसलिए मुर्गीशेड में सफेद कपड़ा या ग्रीन नेट लगाकर छत को ढकने की सलाह दी गई है। एक्सॉस्ट फैन, कूलर और फॉगर सिस्टम का उपयोग करके शेड में ठंडक बनाए रखना जरूरी है। दिन में हर 10 से 15 मिनट पर फॉगर चलाने से राहत मिल सकती है। मुर्गियों को हर घंटे ताजा पानी उपलब्ध कराना चाहिए। पानी में ग्लूकोज और नींबू मिलाने से उन्हें तुरंत ऊर्जा मिलती है और तनाव कम होता है।
बीमारियों से बचाव और आपात स्थिति
गर्मी के कारण पशुओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है, इसलिए शेड की नियमित सफाई और कीटाणुनाशक दवाओं का उपयोग जरूरी है। यदि पशु बार-बार सांस ले, लार टपकाए या बेहोश हो जाए तो तुरंत नजदीकी पशु चिकित्सालय ले जाने की सलाह दी गई है। साथ ही ओआरएस या नमक-सोडा मिश्रित पानी देना भी लाभकारी बताया गया है।
48 घंटे का हीट वेव अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए हीट वेव का अलर्ट जारी किया है। अधिकतम तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। ऐसे में विशेषज्ञों ने दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच पशुओं को बाहर न निकालने की सख्त सलाह दी है।
कृषि विज्ञान केंद्र ने किसानों से अपील की है कि वे समय रहते सभी आवश्यक उपाय अपनाएं, ताकि पशुधन को गर्मी के प्रभाव से सुरक्षित रखा जा सके और आर्थिक नुकसान से बचा जा सके।
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