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उद्यानिकी, पशुपालन एवं मत्स्य पालन योजनाओं की बालाघाट कलेक्टर ने की समीक्षा

12 जून 2026, बालाघाट:  उद्यानिकी, पशुपालन एवं मत्स्य पालन योजनाओं की बालाघाट कलेक्टर ने की समीक्षा – कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने गत दिनों उद्यानिकी, पशु चिकित्सा सेवाएं, मत्स्योद्योग, सहकारिता एवं जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा हितग्राहियों तक लाभ पहुंचाने के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए।

उद्यानिकी विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर श्री मीना ने जिले में उद्यानिकी फसलों का रकबा बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले में फल, सब्जी एवं फूलों की खेती की व्यापक संभावनाएं हैं तथा इन पर आधारित प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित कर किसानों की आय में वृद्धि की जा सकती है। बैठक में जानकारी दी गई कि जिले के एक किसान ने एक एकड़ क्षेत्र में ड्रिप सिंचाई पद्धति से प्याज की खेती कर बेहतर परिणाम प्राप्त किए हैं। वहीं खैरलांजी क्षेत्र के एक किसान ने केले की खेती कर लगभग 250 क्विंटल उत्पादन का विक्रय किया है।

पशुपालन विभाग की योजनाओं की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने क्षीरधारा, हिरण्यगर्भा, डॉ. भीमराव आंबेडकर कामधेनु योजना एवं डेयरी प्लस योजना के प्रभावी संचालन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले में दुधारू पशुओं की संख्या बढ़ाने तथा पशुपालकों को योजनाओं का अधिकाधिक लाभ दिलाने पर जोर दिया। साथ ही चलित पशु चिकित्सा इकाइयों की सेवाओं को और अधिक उपयोगी एवं प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए।

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मत्स्योद्योग विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने जिले के सभी अमृत सरोवरों एवं अन्य योजनाओं के तहत निर्मित तालाबों को मत्स्य पालन के लिए मछुआ सहकारी समितियों को आवंटित करने के निर्देश दिए। उन्होंने मत्स्य उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से अधिक संख्या में केज कल्चर स्थापित करने पर भी बल दिया।

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बैठक में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे किसानों, पशुपालकों एवं मछुआरों को किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से अधिक से अधिक ऋण उपलब्ध कराएं, ताकि वे कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों के विस्तार के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता प्राप्त कर सकें।

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