पशुपालन (Animal Husbandry)राज्य कृषि समाचार (State News)

ग्वालियर में पशुपालन को मिला बढ़ावा, 1 हजार से ज्यादा पशुपालकों को 8 करोड़ की सहायता  

15 मई 2026, ग्वालियर: ग्वालियर में पशुपालन को मिला बढ़ावा, 1 हजार से ज्यादा पशुपालकों को 8 करोड़ की सहायता – ग्वालियर जिले में पशुपालकों की आय बढ़ाने और उन्नत पशुपालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लगातार सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। विभिन्न योजनाओं के माध्यम से एक हजार से अधिक पशुपालकों को लगभग 8 करोड़ रुपये की सहायता उपलब्ध कराई जा चुकी है। इससे पशुपालकों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।

नस्ल सुधार और टीकाकरण

जिले में वर्तमान में 68 हजार 737 पशुपालक लगभग 4 लाख 1 हजार 873 पशुओं का पालन कर रहे हैं। पशुधन की गुणवत्ता सुधारने के लिए जिले में 25 हजार 864 पशुओं का कृत्रिम गर्भाधान कराया गया, जिससे 3 हजार 326 उन्नत नस्ल के बछड़े पैदा हुए हैं। राष्ट्रीय रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत जिले में 2 लाख 17 हजार 441 पशुओं का टीकाकरण किया गया है। वहीं पशुओं के प्राथमिक उपचार, टीकाकरण और कृत्रिम गर्भाधान की सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जिले में 80 पशु सखियां कार्यरत हैं।

दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के प्रयास

ग्वालियर जिले का दुग्ध उत्पादन 605.15 मीट्रिक टन है। दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और पशुपालकों को संगठित करने के लिए जिले की 20 दुग्ध सहकारी समितियों से 247 पशुपालकों को मिल्क रूट से जोड़ा गया है। दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान के दौरान जिले में 10 हजार पशुपालकों के घर पहुंचकर नस्ल सुधार, पशु पोषण और पशु स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दी गई। इसके साथ ही जिले में संचालित क्षीरधारा ग्राम योजना के तहत 116 चयनित ग्रामों के 18 हजार पशुपालकों को उन्नत पशुपालन, पोषण और स्वास्थ्य प्रबंधन की जानकारी दी जा रही है, जिससे दुग्ध उत्पादन में वृद्धि और पशुपालकों की आय में सुधार की उम्मीद बढ़ी है।

गौशालाओं के माध्यम से गोवंश का संरक्षण

जिले में 39 गौशालाएं ग्राम पंचायतों और सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से संचालित की जा रही हैं, जिनमें 18 हजार से अधिक गौवंश का पालन हो रहा है। नगर निगम सीमा में संचालित प्रदेश की सबसे बड़ी लाल टिपारा आदर्श गौशाला में 10 हजार से अधिक गौवंश संरक्षित हैं। यहां प्रतिदिन 100 टन से अधिक गोबर से 25 टन से अधिक जैविक उर्वरक तथा 2 टन से अधिक सीएनजी का उत्पादन किया जा रहा है। इसी प्रकार घाटीगांव विकासखंड में संचालित श्री कृष्णायन देशी गौ-रक्षा गौशाला में 2 हजार से अधिक गौवंश का पालन किया जा रहा है। वहीं भितरवार विकासखंड के ग्राम बडेराभारस क्षेत्र की गौशालाओं में गौ-काष्ठ, जैविक खाद और दुग्ध उत्पादन जैसे कार्य किए जा रहे हैं।

प्रमुख योजनाओं से पशुपालकों को मिला लाभ

विशेष पिछड़ी सहरिया जनजाति के लिए संचालित मुख्यमंत्री दुधारू पशु प्रदाय योजना के तहत जिले के 180 हितग्राहियों को 4 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता दी गई है। मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना में 55 हितग्राहियों को 81 लाख रुपये से अधिक और आचार्य विद्यासागर योजना में 165 हितग्राहियों को लगभग 2.5 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई है। राज्य वैकयार्ड योजना के तहत 577 हितग्राहियों को 10 लाख रुपये की राशि से लाभान्वित किया गया है। इस प्रकार जिले में विभिन्न योजनाओं के माध्यम से एक हजार से अधिक पशुपालकों को लगभग 8 करोड़ रुपये की सहायता उपलब्ध कराई गई है।

चलित पशु चिकित्सा इकाइयों से 28,186 पशुओं का उपचार

ग्वालियर जिले में चलित पशु चिकित्सा इकाई “1962” के माध्यम से जिले में 6 वाहनों द्वारा शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालकों के घर पहुंचकर पशु उपचार, टीकाकरण और कृत्रिम गर्भाधान की सुविधाएं दी जा रही हैं। इस सेवा के तहत अब तक 28 हजार 186 पशुओं का उपचार किया जा चुका है।

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