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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

केंद्रीय कृषि मंत्री श्री मुंडा ने दो दिवसीय आसियान-भारत श्री अन्न महोत्सव का किया शुभारंभ

15 दिसम्बर 2023, नई दिल्ली: केंद्रीय कृषि मंत्री श्री मुंडा ने दो दिवसीय आसियान-भारत श्री अन्न महोत्सव का किया शुभारंभ – आसियान-भारत श्रीअन्न महोत्सव का शुभारंभ नवयुक्त केंद्रीय कृषि मंत्री और जनजातीय कार्य मंत्री श्री अर्जुन मुंडा ने दिल्ली में किया। कृषि मंत्रालय के सहयोग से आयोजित दो दिनी इस महोत्सव में भारत सहित आसियान देशों के नीति-निर्माता, उद्यमी, विशेषज्ञ स्टार्टअप व अधिकारी भी शामिल हुए। समारोह में कृषि राज्य मंत्री श्री कैलाश चौधरी व सुश्री शोभा करंदलाजे एवं सचिव श्री मनोज अहूजा भी मौजूद थे।

कार्यक्रम में श्री मुंडा ने कहा कि श्री अन्न किसानों, उपभोक्ताओं व पर्यावरण हेतु असंख्य लाभ प्रदान करते हैं एवं वैश्विक खाद्य-पोषण सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। इस महोत्सव में भारत, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, म्यांमार, फिलीपींस, थाईलैंड व वियतनाम से आए प्रतिनिधि शामिल हुए। इन प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए श्री मुंडा ने श्री अन्न के उत्पादन व खपत को बढ़ावा देने के लिए सरकारी नीतियों और बाजार नवाचारों के बारे में बताते हुए इसकी बढ़ी खपत से जुड़े सामाजिक-आर्थिक, पोषण और जलवायु संबंधी लाभों पर प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत सरकार ने अंतरराष्ट्रीय मिलेट्स वर्ष 2023 के वृहद आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस पहल ने देश की सीमाओं से बाहर निकलकर इस आयोजन को अद्वितीय महत्व के वैश्विक उपलब्धि के रूप में तब्दील कर दिया है।

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श्रीअन्न हमारे कृषि समुदायों के लिए आशा की किरण हैंः श्री मुंडा

श्री मुंडा ने कहा कि हम अपने किसानों पर पड़ने वाले प्रभाव को पहचानें, क्यों श्रीअन्न सिर्फ फसलें नहीं हैं, वे हमारे कृषि समुदायों के लिए आशा की किरण हैं। जो अनिश्चित जलवायु में स्थिरता प्रदान करते हैं और हमारे किसानों को अनुकूल पैदावार व सतत आय के साथ समर्थ बनाते हैं। अपनी न्यूनतम जल आवश्यकताओं, कम कार्बन फुटप्रिंट और सूखे की स्थिति में पनपने की क्षमता के लिए प्रसिद्ध श्रीअन्न सही मायने में जलवायु हितैषी फसलों की कसौटी पर खरे उतरते हैं।

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उन्होंने कहा कि भारतीय मिलेट्स अनुसंधान संस्थान श्री अन्न की खेती व वैश्विक अनुसंधान सहयोग और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए हमारे समर्पण का प्रतीक है।

आईआईएमआर ने विभिन्न संस्थानों में 25 बीज हब, 18 केंद्र स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है व अन्य कृषि संस्थानों के सहयोग से श्रीअन्न की 200 से अधिक उन्नत किस्में विकसित की हैं। इससे उच्च गुणवत्ता वाले श्रीअन्न बीजों की अधिशेष उपलब्धता सुनिश्चित हुई है, जिसका उद्देश्य वार्षिक बीज प्रतिस्थापन अनुपात 10% तक बढ़ाना है।

महोत्सव में खाद्य सुरक्षा, व्यापार सहयोग सहित अन्य विषयों को लेकर पैनल चर्चा के साथ ही एफपीओ एवं स्टार्टअप द्वारा श्री अन्न आधारित उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई है।

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