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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

मध्य प्रदेश में सोयाबीन की कीमतें घटी, किसान MSP खरीद का कर रहे हैं इंतजार

07 अक्टूबर 2024, नई दिल्ली: मध्य प्रदेश में सोयाबीन की कीमतें घटी, किसान MSP खरीद का कर रहे हैं इंतजार – मध्य प्रदेश, जो भारत का सबसे बड़ा सोयाबीन उत्पादक राज्य है, में अक्टूबर 2024 के पहले सप्ताह के दौरान सोयाबीन की कीमतों में गिरावट देखी गई है। इसके साथ ही, राज्य की मंडियों में सोयाबीन की आवक में भी पिछले साल की तुलना में बड़ी गिरावट आई है। अक्टूबर 2024 के पहले सात दिनों में कुल 79,997 टन सोयाबीन मंडियों में बिक्री के लिए आई, जबकि अक्टूबर 2023 में यह मात्रा 1,85,194 टन थी, जो कि 56% की भारी कमी को दर्शाता है।

कीमतों में गिरावट का विश्लेषण

अक्टूबर 2024 के पहले सप्ताह (01-08 अक्टूबर) में मध्य प्रदेश में सोयाबीन की औसत थोक कीमत ₹4,112 प्रति क्विंटल रही, जो सितंबर 2024 के अंतिम सप्ताह (24-30 सितंबर) में ₹4,280 प्रति क्विंटल थी। यह 3.93% की गिरावट है। सितंबर के तीसरे सप्ताह (16-23 सितंबर) में यह कीमत ₹4,432 प्रति क्विंटल थी, जो और भी अधिक थी। इस गिरावट की दर तब 7.22% तक बढ़ जाती है।

साल-दर-साल तुलना में, अक्टूबर 2023 के पहले सप्ताह में सोयाबीन की कीमत ₹4,174 प्रति क्विंटल थी, जो 2024 की तुलना में 1.49% अधिक थी। इससे पता चलता है कि कीमतें पिछले वर्ष की तुलना में भी नीचे चल रही हैं।

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आवक में भारी कमी:

सोयाबीन की थोक कीमतों में गिरावट के करण, मंडियों में सोयाबीन की आवक में भारी कमी दर्ज की गई है। इस साल अक्टूबर के पहले सप्ताह में केवल 79,997 टन सोयाबीन मंडियों में बिक्री के लिए आई, जो कि पिछले साल की समान अवधि में 1,85,194 टन थी। यह 56% की कमी का संकेत देता है।

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किसानों का मानना है कि सरकार जल्द ही सोयाबीन की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद शुरू करेगी। किसानों को उम्मीद है कि जब सरकार MSP पर खरीद करेगी, तब वे अपनी फसल मंडियों में लेकर आएंगे और उचित मूल्य प्राप्त करेंगे। वर्तमान में किसान कीमतों में गिरावट और बाजार में अनिश्चितता के कारण सोयाबीन को रोक रहे हैं और बड़ी मात्रा में स्टॉक बाजार में नहीं ला रहे हैं। मध्य प्रदेश सरकार ने 25 अक्टूबर से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सोयाबीन की खरीद शुरू करने की घोषणा की है, जो 31 दिसंबर तक चलेगी।

आर्थिक और मौसमी प्रभाव:

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोयाबीन की मांग में उतार और घरेलू मांग में अस्थिरता ने कीमतों को नीचे खींचा है। किसानों को इस समय आशंका है कि फसल की अधिक आपूर्ति के चलते बाजार में कीमतें और भी नीचे जा सकती हैं।

अन्य राज्यों में स्थिति:

जबकि मध्य प्रदेश में कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है, अन्य राज्यों में स्थिति थोड़ी भिन्न है। उदाहरण के लिए:

  • महाराष्ट्र में सोयाबीन की कीमत ₹4,237 प्रति क्विंटल रही, जो पिछले सप्ताह ₹4,414 प्रति क्विंटल थी, और यहाँ 4.01% की गिरावट आई।
  • गुजरात में मामूली 0.32% की गिरावट देखी गई, जहाँ कीमत ₹4,404 प्रति क्विंटल से घटकर ₹4,390 प्रति क्विंटल हो गई।

हालांकि, चत्तीसगढ़ जैसे कुछ राज्यों में कीमतों में वृद्धि देखी गई। चत्तीसगढ़ में कीमत ₹4,310 प्रति क्विंटल रही, जो पिछले सप्ताह ₹4,241 थी, और यहाँ 1.63% की वृद्धि दर्ज की गई।

मध्य प्रदेश में सोयाबीन की कीमतों में गिरावट और मंडियों में आवक की कमी दोनों ही संकेत करते हैं कि किसान MSP पर सरकारी खरीद का इंतजार कर रहे हैं। बाजार में कीमतों की अनिश्चितता और सरकार की आगामी नीतियों पर निर्भरता इस क्षेत्र के किसानों की रणनीति को प्रभावित कर रही है। 

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