Ad DesktopAd TabletAd Mobile
राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

ग्रामीण समाचार@ 5.00 PM: लाड़ली बहनो को शगुन I जलवायु परिवर्तन I फूड प्रोसेसिंग I सुअर पालन I ई-पंचायत मिशन योजना

नमस्कार, आइए जानते हैं आज शाम 5 बजे तक ग्राम की 10 बड़ी खबरें…

1.प्रदेश में जलवायु परिवर्तन के कारण कृषि पर पड़ने वाले प्रभाव

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) की नेटवर्क परियोजना जलवायु परिवर्तन पर राष्ट्रीय नवाचार (एनआईसीआरए) ने जलवायु परिवर्तन के कृषि पर प्रभाव का आकलन करने के लिए एक महत्वपूर्ण अध्ययन किया है। इस अध्ययन में, आईसीएआर ने आईपीसी (अंतर-सरकारी पैनल ऑन क्लाइमेट चेंज) के प्रोटोकॉल के अनुसार 651 मुख्य रूप से कृषि प्रधान जिलों में से 573 जिलों के जोखिम और सुरक्षा का विश्लेषण किया है। पूरी खबर पढ़े….

Ad DesktopAd TabletAd Mobile
Ad DesktopAd TabletAd Mobile

2.एफपीओ से ज्यादा से ज्यादा किसानों को जोड़ें – ग्वालियर जिला पंचायत सीईओ

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें
खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर
चैनल फॉलो करें

कृषक उत्पादन संगठन (एफपीओ) से ज्यादा से ज्यादा किसानों को जोड़ें। सभी एफपीओ लायसेंस लें और अपना व्यवसाय बढ़ाएँ। एफपीओ को शासन की ओर से पूरा सहयोग दिलाया जायेगा। यह बात जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विवेक कुमार ने एफपीओ एवं एआईएफ (एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड) की जिला स्तरीय निगरानी समिति की बैठक सह शिविर में कही। पूरी खबर पढ़े….

3.मध्यप्रदेश में रक्षाबंधन पर महिलाओं को मुख्यमंत्री ने दिए 1500 रुपए का शगुन, जानें हर घर तिरंगा अभियान की योजना

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को घोषणा की कि राज्य सरकार महिलाओं को सशक्त बनाने और हर बहन तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। संपूर्ण प्रदेश में 25 हजार स्थान पर 10 अगस्त को कार्यक्रम होंगे और सिंगल क्लिक से लाड़ली बहनों के खातों में 1250 रुपए तथा रक्षाबंधन के शगुन 250 रूपए अलग से जारी किए जाएंगे, जिसमें ‘लाड़ली बहनों’ के खातों में 1250 रुपए के साथ रक्षाबंधन शगुन के तौर पर अतिरिक्त 250 रुपए दिए जाएंगे। पूरी खबर पढ़े….

4.फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री के विकास हेतु सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाए

 भारत में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के विकास के लिए केंद्र सरकार ने कई योजनाओं की शुरुआत की है, जो न केवल किसानों को बेहतर लाभ प्रदान करेंगी, बल्कि रोजगार के अवसर भी सृजित करेंगी। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय ने प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना (पीएमकेएसवाई), उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना (पीएलआईएसएफपीआई), और प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों का औपचारिकीकरण (पीएमएफएमई) योजना के तहत देशभर में कई परियोजनाएं चलाई हैं। पूरी खबर पढ़े….

5.जाने कैसे कमाए वैज्ञानिक सुअर पालन से तीन लाख से अधिक की कमाई

ज्ञानिक सुअर पालन ने बेरोजगार युवाओं, विशेष रूप से महिला किसानों के लिए उद्यमिता के नए अवसर खोले हैं। हालांकि, किसानों को ज्ञान की कमी, उच्च चारे की लागत, टीकों की कमी और उभरती बीमारियों जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, जिससे तटीय क्षेत्र में महत्वपूर्ण वित्तीय नुकसान होता है। किसानों को संकर नस्ल के सूअरों के बच्चों को बेहतर बनाने तथा वयस्क उच्च गुणवत्ता वाले जर्मप्लाज्म तक पहुंच बनाने में भी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। पूरी खबर पढ़े….

6.व्यापार व्यवधान के बाद भारत ने बांग्लादेश को प्याज का निर्यात फिर से शुरू किया

बांग्लादेश ने भारत के राज्य महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के क्षेत्रों से 4,500 टन से अधिक प्याज़ के आयात को मंजूरी दे दी है। ये शिपमेंट, जो पहले पश्चिम बंगाल सीमा के पास पेट्रापोल लैंड पोर्ट पर रोके गए थे, अब बांग्लादेश में प्रवेश कर रहे हैं। यह बहाली बांग्लादेश में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के शांत होने के बाद हुई है, जिसने सीमा पार व्यापार को नकारात्मक रूप से प्रभावित किया था। पूरी खबर पढ़े….

7.ग्रामीण क्षेत्रों में संसाधन आवंटन से मांग बढ़ाने में मदद मिलेगी: भारत सरकार

ग्रामीण विकास मंत्रालय (MoRD) महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (MGNREGS), प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण (PMAY-G), प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY), दीनदयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM), दीनदयाल उपाध्याय – ग्रामीण कौशल योजना (DDU-GKY), ग्रामीण स्व-रोजगार प्रशिक्षण संस्थान (RSETIs) और राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) जैसी कई ग्रामीण विकास योजनाओं का कार्यान्वयन कर रही है। पूरी खबर पढ़े….

8.नकदी फसलों का बढ़ा रकबा, उत्पादन में भी वृद्धि

भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, कृषि वर्ष 2023-24 में वाणिज्यिक या नकदी फसलों का क्षेत्रफल बढ़कर 18,935.22 हजार हेक्टेयर हो गया है। यह वृद्धि पिछले तीन वर्षों में देखी गई है, जहां 2021-22 में यह रकबा 18,214.19 हजार हेक्टेयर था। नकदी फसलों के उत्पादन में भी वृद्धि हुई है, जो 2021-22 में 4,80,692 हजार टन था और 2023-24 में बढ़कर 4,84,757 हजार टन हो गया है। पूरी खबर पढ़े….

9.ई-पंचायत: ग्राम पंचायतों में पारदर्शिता और जवाबदेही लाने की दिशा में एक बड़ा कदम

 केंद्र सरकार ने देश की ग्राम पंचायतों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। पंचायती राज मंत्रालय ने ई-पंचायत मिशन मोड परियोजना के तहत कई महत्वपूर्ण पहलें की हैं, जिसका उद्देश्य पंचायतों को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनाना है। अतीत की उपलब्धियों के आधार पर, मंत्रालय ने 24 अप्रैल 2020 को ई-पंचायत एमएमपी के तहत पंचायतों के लिए कार्य-आधारित विस्‍तृत एप्‍लीकेशन ई-ग्राम स्वराज शुरू किया। पूरी खबर पढ़े….

10.केंद्रीय मंत्रिमंडल ने स्वच्छ पौध कार्यक्रम को दी मंजूरी, देशभर में खुलेंगे 9 CPC केंद्र

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा प्रस्तावित स्वच्छ पौध कार्यक्रम (क्लीन प्लांट प्रोग्राम – CPP) को हरी झंडी दे दी है। 1,765.67 करोड़ रुपये के भारी निवेश के साथ यह कार्यक्रम भारत के बागवानी क्षेत्र में नए सुधार लाने के लिए तैयार है। फरवरी 2023 में वित्त मंत्री द्वारा बजट भाषण में घोषित इस कार्यक्रम का उद्देश्य देशभर में फलों की फसलों की गुणवत्ता और उत्पादकता को बढ़ाना है। पूरी खबर पढ़े….