राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

मानसून की चाल हुई तेज, पूर्वी और मध्य भारत में बढ़ीं बारिश की गतिविधियां; 18 जून से उत्तर भारत में आंधी-बारिश का नया दौर शुरू होगा

18 जून 2026, नई दिल्ली: मानसून की चाल हुई तेज, पूर्वी और मध्य भारत में बढ़ीं बारिश की गतिविधियां; 18 जून से उत्तर भारत में आंधी-बारिश का नया दौर शुरू होगा – भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। पूर्वी, मध्य और दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां जारी हैं, जबकि कुछ इलाकों में गर्मी और लू का असर भी बना हुआ है। मौसम विभाग ने बताया है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा वर्तमान में महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के कुछ हिस्सों तक पहुंच चुकी है तथा आगामी 4 से 5 दिनों में इसके और आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं।

मौसम विभाग के अनुसार तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार तथा छत्तीसगढ़ के कुछ और हिस्सों में मानसून की प्रगति होने की संभावना है। वहीं 18 जून से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा, जिससे पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में बारिश, आंधी और गरज-चमक की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।

सिनोप्टिक मौसम परिस्थिति

IMD के अनुसार मानसून की उत्तरी सीमा अरब सागर और मध्य भारत के हिस्सों से होकर आगे बढ़ रही है। पंजाब से बिहार तक एक मौसमी ट्रफ सक्रिय बनी हुई है। इसके अलावा उत्तर-पश्चिम भारत, पूर्वी विदर्भ और दक्षिण छत्तीसगढ़ के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण तंत्र सक्रिय हैं, जो कई राज्यों में बारिश की गतिविधियों को बढ़ावा दे रहे हैं। 18 जून से सक्रिय होने वाला नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम को और अधिक सक्रिय कर सकता है।

पूर्वी भारत: मानसून की प्रगति जारी

बिहार, झारखंड और ओडिशा में मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं। इन राज्यों में अगले कुछ दिनों तक गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। किसानों और आम लोगों को बिजली गिरने और तेज हवाओं से सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

मध्य भारत: बारिश और गर्मी दोनों का असर

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां दर्ज की गई हैं। कुछ जिलों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ वर्षा हुई है। वहीं कुछ क्षेत्रों में अभी भी गर्मी का असर बना हुआ है। आगामी दिनों में बारिश की गतिविधियां और बढ़ सकती हैं।

पश्चिमी भारत: महाराष्ट्र में मानसून सक्रिय

महाराष्ट्र के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय बना हुआ है। विदर्भ, मराठवाड़ा और कोंकण क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है। किसानों के लिए यह बारिश खरीफ फसलों की बुवाई की दृष्टि से लाभकारी मानी जा रही है।

दक्षिण भारत: तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में बारिश

तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और केरल में मानसूनी गतिविधियां जारी हैं। कई क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ वर्षा दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना भी जताई है।

उत्तर-पश्चिम भारत: पश्चिमी विक्षोभ से बदलेगा मौसम

पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 18 जून से मौसम में बदलाव की संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से तेज हवाएं, गरज-चमक और बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। इससे तापमान में गिरावट आने और गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।

पूर्वोत्तर भारत: बारिश का सिलसिला जारी

असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में मानसून सक्रिय है। कई स्थानों पर हल्की से मध्यम तथा कुछ जगहों पर भारी बारिश की संभावना बनी हुई है।

दिल्ली का मौसम

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में फिलहाल गर्म और उमस भरा मौसम बना हुआ है, लेकिन 18 जून से पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। IMD के अनुसार दिल्ली में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। इससे तापमान में कमी आने और लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। 

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture