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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

सोयाबीन आयात में जबरदस्त बढ़ोतरी, 9 महीने में 7.77 लाख टन तक पहुंचा आंकड़ा; जानें क्या है वजह

14 जुलाई 2026, नई दिल्ली: सोयाबीन आयात में जबरदस्त बढ़ोतरी, 9 महीने में 7.77 लाख टन तक पहुंचा आंकड़ा; जानें क्या है वजह – देश में सोयाबीन की घरेलू उपलब्धता कम होने के कारण चालू तेल वर्ष 2025-26 (अक्टूबर 2025 से सितंबर 2026) के दौरान सोयाबीन आयात में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (SOPA) के अनुसार, जून 2026 के अंत तक देश में 7.77 लाख टन सोयाबीन का आयात किया जा चुका है। पिछले तेल वर्ष की समान अवधि में यह आंकड़ा केवल 2 हजार टन था। यानी इस बार सोयाबीन आयात में कई गुना वृद्धि हुई है।

घरेलू उपलब्धता कम होने से बढ़ा आयात

SOPA के मुताबिक, देश में सोयाबीन की उपलब्धता कम होने के कारण आयात बढ़ाना पड़ा है। संगठन का अनुमान है कि पूरे तेल वर्ष 2025-26 के दौरान सोयाबीन का कुल आयात करीब 9 लाख टन तक पहुंच सकता है। यदि घरेलू बाजार में उपलब्धता और कीमतों की मौजूदा स्थिति बनी रहती है, तो आयात का आंकड़ा इससे अधिक भी हो सकता है।

बाजार में पिछले साल की तुलना में कम पहुंची सोयाबीन

SOPA की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, चालू सीजन में देश में 110.26 लाख टन सोयाबीन उत्पादन का अनुमान है। इसमें से जून के अंत तक करीब 77.5 लाख टन सोयाबीन बाजार में पहुंची है। पिछले साल इसी अवधि तक यह आंकड़ा करीब 89 लाख टन था। बाजार में कम आवक के कारण घरेलू आपूर्ति पर दबाव बना हुआ है।

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सोयामील उत्पादन और निर्यात दोनों घटे

रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर 2025 से जून 2026 के बीच सोयामील का उत्पादन 64.31 लाख टन रहा, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 68.65 लाख टन था। वहीं, सोयामील के निर्यात में भी गिरावट दर्ज की गई है। जून 2026 तक 9.02 लाख टन सोयामील का निर्यात हुआ, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 15.60 लाख टन था। SOPA का कहना है कि घरेलू बाजार में बढ़ती मांग और ऊंची कीमतों के कारण निर्यात में कमी आई है।

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घरेलू खपत में बढ़ी मांग

सोयामील की घरेलू खपत में वृद्धि दर्ज की गई है। अक्टूबर से जून के दौरान पशु चारा उद्योग में लगभग 48 लाख टन सोयामील की खपत हुई, जबकि पिछले वर्ष यह 47 लाख टन थी। वहीं, खाद्य क्षेत्र में इस अवधि के दौरान 6.7 लाख टन सोयामील की खपत हुई। SOPA का अनुमान है कि पूरे तेल वर्ष 2025-26 में सोयामील का निर्यात घटकर करीब 10 लाख टन रह सकता है। पिछले तेल वर्ष में यह 20.23 लाख टन था।

संगठन का यह भी अनुमान है कि पूरे वर्ष के दौरान घरेलू खाद्य क्षेत्र में 9 लाख टन और पशु चारा क्षेत्र में 63 लाख टन सोयामील की खपत हो सकती है। SOPA के कार्यकारी निदेशक डी.एन. पाठक ने बताया कि संगठन ने सोयामील निर्यात के अनुमान को पहले के 11 लाख टन से घटाकर 10 लाख टन कर दिया है। वहीं, घरेलू मांग बढ़ने के कारण खपत के अनुमान में संशोधन करते हुए इसे बढ़ाया गया है।

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