दलहन किसानों के लिए बड़ा ऐलान: सरकार देगी ₹10,000 प्रति हेक्टेयर सहायता, मुफ्त मिलेंगे बीज; 100% MSP पर खरीद की गारंटी
14 जुलाई 2026, नई दिल्ली: दलहन किसानों के लिए बड़ा ऐलान: सरकार देगी ₹10,000 प्रति हेक्टेयर सहायता, मुफ्त मिलेंगे बीज; 100% MSP पर खरीद की गारंटी – भारत को दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने और आयात पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने ‘राष्ट्रीय दलहन आत्मनिर्भरता मिशन (2025-31)’ शुरू किया है। इस मिशन के तहत किसानों के लिए कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। देशभर के किसानों को आधुनिक खेती का प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही प्रति हेक्टेयर 10,000 रुपये तक की आर्थिक सहायता, मुफ्त उन्नत बीज किट और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर 100 फीसदी खरीद की गारंटी जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। सरकार का उद्देश्य दलहन उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ किसानों की आय में भी वृद्धि करना है।
35 लाख हेक्टेयर में बढ़ेगी दलहन की खेती
देशभर में इस मिशन के तहत दलहनी फसलों की खेती बढ़ाने के लिए बड़े स्तर पर कार्ययोजना तैयार की गई है। इसके अंतर्गत धान की कटाई के बाद खाली रहने वाली राइस फैलो (Rice Fallow) भूमि और अन्य उपयुक्त क्षेत्रों का सर्वे कर 35 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र में दलहन की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही अंतर-फसल (इंटरक्रॉपिंग) और फसल विविधीकरण के लिए भी किसानों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
किसानों को फ्री मिलेंगे 88 लाख बीज किट
इसके साथ ही, उच्च उपज देने वाली और जलवायु-अनुकूल किस्मों को बढ़ावा दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य 126 लाख क्विंटल प्रमाणित बीजों का उत्पादन और वितरण करना है। इसके अलावा, किसानों को 88 लाख उन्नत बीज किट नि:शुल्क उपलब्ध कराए जाएंगी। बीजों की गुणवत्ता और ट्रेसिंग सुनिश्चित करने के लिए ‘साथी’ (SATHI) पोर्टल के माध्यम से निगरानी की जाएगी।
PM-AASHA के तहत 100% खरीद की व्यवस्था
किसानों को उचित मूल्य दिलाने के लिए सरकार ने PM-AASHA योजना के तहत दलहन खरीद व्यवस्था को मजबूत किया है। मिशन के अंतर्गत तूर (अरहर), उड़द और मसूर की 100 प्रतिशत खरीद की जाएगी। अगले चार वर्षों तक NAFED और NCCF किसानों से इन फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर करेंगे, ताकि किसानों को अपनी उपज का उचित दाम मिल सके।
1,000 प्रोसेसिंग और पैकेजिंग यूनिट होंगी स्थापित
दलहन की कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार बढ़ाने के लिए मिशन के तहत 1,000 दाल प्रोसेसिंग एवं पैकेजिंग यूनिट स्थापित की जाएंगी। प्रत्येक यूनिट की स्थापना पर सरकार 25 लाख रुपये तक की सब्सिडी उपलब्ध कराएगी। इससे प्रसंस्करण क्षमता बढ़ेगी और किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलने की संभावना होगी।
2030-31 तक तय किए गए प्रमुख लक्ष्य
राष्ट्रीय दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के तहत वर्ष 2030-31 तक कई लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। इनमें दलहन का रकबा बढ़ाकर 310 लाख हेक्टेयर करना, कुल उत्पादन को 350 लाख टन तक पहुंचाना और औसत उत्पादकता को 1,130 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर तक बढ़ाना शामिल है।
सरकार का मानना है कि इस मिशन से दलहन उत्पादन में वृद्धि होगी, आयात पर निर्भरता कम होगी और विदेशी मुद्रा की बचत होगी। साथ ही फसल विविधीकरण को बढ़ावा मिलने से मिट्टी की उर्वरता में सुधार होगा तथा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
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